मीडिया लैब से वीडियो वायरल करने पर चार छात्रों का दो महीने के लिए हो चुका है निष्कासन
बीयू प्रशासन ने कहा – माफीनामा देने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर सोमवार को पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने विभाग समन्वयक पर कई आरोप भी लगाए। वहीं, बीयू प्रशासन का कहना है कि मीडिया लैब से वीडियो वायरल करने पर चार छात्रों का दो महीने के लिए कैंपस से निष्कासन किया जा चुका है। माफीनामा देने के बजाए छात्राें ने प्रदर्शन किया है।
बीयू में कुछ दिन पहले छात्राओं ने छात्रावास में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के वीडियो फुटेज के साथ बीयू के पत्रकारिता विभाग में बनी मीडिया लैब से ही खबर यू-ट्यूब चैनल पर प्रसारित की गई थी। इस मामले में बीयू प्रशासन ने चार विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। सोमवार को सुबह 11:30 बजे पत्रकारिता समेत कई विभागों के छात्र-छात्राएं बीयू के मुख्यद्वार पर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने पत्रकारिता विभाग समन्वयक पर कई आरोप लगाए। कहा कि समन्वयक द्वारा मल्टीमीडिया लैब में जाने से रोका जा रहा है। झूठी गवाही देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बीयू अधिकारियों से बातचीत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया। कुलसचिव विनय कुमार सिंह से भी मुलाकात की।
वहीं, कुलानुशासक प्रो. आरके सैनी ने बताया कि मल्टीमीडिया लैब से वीडियो जारी होने की जानकारी पर पत्रकारिता विभाग समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी को मामले की जांच सौंपी थी। समन्वयक ने इस प्रकरण में शामिल चार छात्रों को चिह्नित किया था। इसके बावजूद विद्यार्थियों ने दोबारा वीडियो बनाकर लैब से जारी किया। विद्यार्थियों को दस दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद कुलानुशासक मंडल के समझ विद्यार्थियों को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। उनसे कहा गया कि बिना अनुमति मीडिया लैब में वीडियो नहीं बना सकते हैं। लिखित में दें कि भूलवश ऐसा हो गया है। आगे ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे, जिससे बीयू की छवि खराब हो। मगर छात्रों ने कोई माफीनामा नहीं दिया। सोमवार को बीयू के गेट पर प्रदर्शन किया। जबकि, चार छात्रों को पांच अक्तूबर को ही दो महीने के लिए कैंपस और पत्रकारिता विभाग में प्रतिबंधित किया जा चुका है।
