इटावा। डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल प्रशासन अधिकारियों के निरीक्षण पर व्यवस्थाएं चकाचक कर देता है। इसका उद्देश्य अफसरों को निरीक्षण में सब-कुछ ठीक दिखाना होता है। शुक्रवार को कायाकल्प टीम के आने पर जिला अस्पताल में ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। कायाकल्प टीम के जाते ही एक ही दिन बाद शनिवार को पुरानी अव्यवस्थाएं नजर आने लगीं

शुक्रवार को कायाकल्प की टीम के आने से पहले मरीजों के बेड और स्ट्रेचर पर चादरें डाली गई थीं। साथ ही पूरे जिला अस्पताल परिसर में साफ-सफाई करवाकर चूना डलवाया गया था। काली, लाल और पीली पॉलिथीन लगाकर जगह-जगह कूड़ेदान भी रखे गए थे यानी हर तरफ से अस्पताल चकाचक नजर आया था।

हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को इसकी पड़ताल की। एक ही दिन में जिला अस्पताल परिसर का पूरा नजारा ही बदल गया था। मरीजों के स्ट्रेचर पर चादर नहीं दिखाई दी वहीं, कई जगह कूड़े के ढेर लगे थे। निरीक्षण के दौरान बनाई गई दिखावटी स्वच्छता टीम के रवाना होते ही गायब हो गई। औपचारिकता पूरी होने के तुरंत बाद परिसर में कचरा और पॉलिथीन के ढेर बिखर गए।

सीन-1

शुक्रवार को कायाकल्प टीम के आने की जैसे ही जिला अस्पताल प्रशासन को खबर मिली, तो साफ-सफाई करवाकर जगह-जगह चूना डाल दिया था। साथ ही मरीजों के बेड व जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर खड़े स्ट्रेचर पर सफेद चादर डाल दिए गए थे। वहीं, शनिवार को अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर खड़े स्ट्रेचर बिना चादर के ही खड़े थे।

सीन-2

जिला अस्पताल में कायाकल्प टीम के निरीक्षण के समय प्रबंधन की पोल खुल गई। टीम के आने के समय अस्पताल परिसर में पॉलिथीन लगे कूड़ेदान और सफाई दिखाई दी ती, लेकिन टीम के जाते ही सारा सच सामने आ गया। औपचारिकता पूरी होने के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में जगह-जगह कचरा और पॉलिथीन के ढेर बिखर गए। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता का जो दिखावटी माहौल बनाया गया था, वह टीम के रवाना होते ही गायब हो गया।

सीन-3

कई दिनों से हो रही बारिश से जिला अस्पताल परिसर में बरसात का गंदा पानी भरा था। शुक्रवार को कायाकल्प की टीम के आने की जानकारी मिलते ही नगर पालिका से टीम बुलाकर टैंकर भरवाकर परिसर का पानी निकाला गया था। हालांकि टीम ने गंदा पानी भरे होने पर नाराजगी जताई थी। वहीं, शनिवार को ब्लड़ बैंक के पास बरसात का गंदा पानी भरा नजर आया और लोग इससे बचकर निकलते रहे।

वर्जन

अफसरों के निरीक्षण के समय व्यवस्थाएं चकाचक करना और उनके चले के बाद व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर आना लापरवाही है। हर दिन एक जैसी व्यवस्था व मरीजों के साथ सामान्य व्यवहार होना चाहिए। इस मामले में कर्मचारियों से जवाब मांगा जाएगा। -डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव

फोटो 10: जिला अस्पताल में बरसात के गंदे पानी को टैंकर में भरते कर्मी। आर्काइव



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