इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने गुरुवार को को कलक्ट्रेट सभागार में स्थानीय निकायों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सरकारी धन की बर्बादी रोकने के सख्त निर्देश दिए। जलभराव और खुले में कचरा डालने जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का पैसा जनता की सुविधा के लिए है, इसकी बर्बादी बर्दाश्त नहीं होगी। आवंटित धनराशि से होने वाले प्रत्येक कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जरूरत वाले काम पहले कराए जाएं। उन्होंने जल निकासी की स्थिति पर नाराजगी जताई। कहा कि सिर्फ नालियां बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से स्थायी जल निकासी व्यवस्था करनी होगी। आकर्षक लाइटें लगाने के बजाय अंधेरे स्थानों पर रोशनी पहुंचने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने खुले में कूड़ा डालने और गांव-नगर की सीमा पर ढेर लगाने पर रोक लगाने को कहा। कूड़ा पड़ाव घर और खुले कचरा डालने के स्थान खत्म कर एमआरएफ सेंटर तक पहुंचाया जाए। वहां कूड़े का पृथक्करण, प्रसंस्करण और शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित हो। तालाबों और जलस्रोतों में कूड़ा डालना पूरी तरह वर्जित है। अधिकारियों को स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।



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