Devotees were overcome with emotion upon hearing the accounts of the marriage of Krishna and Rukmini, and the story of Sudama.

फोटो 03: पंडाल में कथा का रसपान करती महिला श्रद्धालु। संवाद
– फोटो : File Photo

लवेदी। नवादा खुर्द कलां स्थित श्री भोलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण किया। कथा व्यास आचार्य रामश्याम तिवारी ने कंस वध, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित का वर्णन किया।


उन्होंने धर्म, प्रेम, मित्रता और भक्ति का संदेश दिया। आचार्य ने बताया कि श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर मथुरा को भयमुक्त किया। रुक्मिणी को आराध्य मानने पर भगवान ने उनसे विधि-विधान से विवाह किया। सुदामा चरित्र में श्रीकृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा की दरिद्रता दूर की। भगवान ने बिना कुछ मांगे ही सुदामा को धनवान बना दिया।

आचार्य ने कहा कि भगवान के लिए धन-दौलत नहीं, भक्त का सच्चा प्रेम और समर्पण महत्वपूर्ण है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। (संवाद)



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