बकेवर। कस्बा लखना में चल रही रामलीला में शुक्रवार को राजा दशरथ और गुरु वशिष्ठ के संवाद तथा पुत्रेष्टि यज्ञ का मंचन किया गया। लीला में राजा दशरथ वृद्धावस्था तक संतान न होने पर वह कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ की शरण में पहुंचते हैं।

गुरु वशिष्ठ उन्हें पुत्र प्राप्ति के लिए श्रृंगी ऋषि के माध्यम से पुत्रेष्टि यज्ञ कराने की सलाह देते हैं। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुत्रेष्टि यज्ञ का मंचन किया गया। यज्ञ कुंड से अग्निदेव के प्रकट होने और राजा दशरथ को दिव्य खीर प्रदान करने का प्रसंग दिखाया गया। राजा दशरथ ने खीर को अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकयी और सुमित्रा में वितरित किया।

रामलीला देखने के लिए बकेवर सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और क्षेत्र की धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। (संवाद)



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