इटावा। स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आने के बाद विभाग ने शासन को पत्राचार कर जिले के लिए पांच हजार एंटीजन किट की मांग की है। बुधवार को शहर निवासी संक्रमित बच्चे के घर पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग और डब्ल्यूएचओ की टीम ने जांच की। बच्ची के घर के बाहर खेलने के दौरान संक्रमण के चपेट में आने की बात सामने आई है।

मंगलवार को शहर और भरथना के दो बच्चों के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। विभाग ने जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर संक्रमण की समय पर पहचान के लिए पांच हजार एंटीजन किट की मांग शासन को भेजी है। किट मिलते ही जिला अस्पताल समेत जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी में इसका वितरण किया जाएगा। अभी जिला अस्पताल और सीएचसी में मरीजों के स्वाइन फ्लू जांच का कोई इंतजाम नहीं है। सिर्फ संदेह के आधार पर मरीज को सैफई रेफर कर दिया जाता था। एंटीजन किट आने के बाद इससे जांच कर पॉजिटिव मरीजों को आयुर्विज्ञान विवि भेजा जाएगा।

शहर के एक मोहल्ले में खेलते समय एक किशोरी स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के संक्रमण की चपेट में आई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने किशोरी के परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की है। फिलहाल किसी में संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। वहीं, एक अन्य संक्रमित भरथना के चार वर्षीय मासूम का हाथरस में इलाज चल रहा है। उसका परिवार चार साल से वहीं रह रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी करीब आठ दिन पहले मोहल्ले में खेलने गई थी। लौट के घर आने पर उसे तेज बुखार आया था। सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। परिजन ने स्थिति बिगड़ती देख शहर के एक निजी अस्पताल में दिखाया, जहां चिकित्सक ने स्वाइन फ्लू के लक्षण देख जांच कराने की सलाह दी। मंगलवार को आई रिपोर्ट में किशोरी में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मंगलवार को टीम किशोरी के घर पहुंची और परिजन समेत संपर्क में आए लोगों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। इसमें परिजनों समेत अन्य किसी व्यक्ति में संक्रमण संबंधी लक्षण नहीं मिले हैं।

बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

– भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाते समय मास्क का प्रयोग करें।

– हाथों को बार-बार साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।

– बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।

– पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें और उसके इस्तेमाल की चीजों को अलग रखें।

वर्जन

संक्रमित मिले दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य टीम लगातार निगरानी रख रही है। मरीज के परिजन व आसपास के लोगों की जांच की गई थी लेकिन लक्षण नहीं मिले। शासन से पांच हजार एंटीजन किट की मांग की गई है, जिससे संदिग्ध मरीज को प्राथमिक स्तर पर चिह्नित कर इलाज किया जा सके।

-डॉ. बलराज सिंह, सीएमओ



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