इटावा। शास्त्री चौराहा स्थित श्री बिहारी जी धाम परिसर में उस समय भक्ति, उत्साह और तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी, जब बाल कलाकारों ने जीवंत अभिनय कर सभी का मन मोह लिया। रावण वध होते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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इटावा। शास्त्री चौराहा स्थित श्री बिहारी जी धाम परिसर में उस समय भक्ति, उत्साह और तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी, जब बाल कलाकारों ने जीवंत अभिनय कर सभी का मन मोह लिया। रावण वध होते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाल कलाकारों का गजब का आत्मविश्वास और संवाद रहा। श्रीराम की भूमिका में शिवांश द्विवेदी ने शांत, गंभीर और तेजस्वी स्वरूप में प्रभु श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम रूप को जीवंत कर दिया। वहीं, रावण की भूमिका में दिव्यांश कन्नौजिया ने तीखे तेवर और दमदार अट्टहास देखने लायक था। माता सीता के अभिनय में अद्विका पांडेय ने जानकी के रूप में उपस्थित सभी भक्तों का दिल छू लिया।
वहीं, शुभ त्रिपाठी ने लक्ष्मण व विवान झा ने हनुमान का रोल निभाया। रामलीला के अंतिम प्रसंग में भगवान श्रीराम और रावण के बीच रोमांचक संवाद और युद्ध हुआ। भगवान राम का बाण चलाते ही बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया गया। जैसे ही रावण का पुतला धू-धू कर जला। यहां मौजूद लोगों ने सियावर रामचंद्र की जय के जयकारे लगाए।