इटावा। रोशनी, उल्लास और खुशियों का पर्व दिवाली रविवार को जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त के अनुसार लोगों ने घरों, प्रतिष्ठानों और मंदिरों में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शाम होते ही घरों और प्रतिष्ठानों में दीपों की जगमगाहट दिखाई देने लगी। लोगों ने रंगोली सजाकर और दीप जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे से शुरू हुई। मां लक्ष्मी के पूजन के लिए शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक का समय विशेष शुभ माना गया। वहीं प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक रहा। शुभ मुहूर्त में लोगों ने परिवार के साथ बैठकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की। इसके बाद घरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्वलित किए गए।
बाजारों में भी दिवाली को लेकर रौनक दिखाई दी। लोगों ने पूजा सामग्री, मिठाइयों, फूलों और सजावटी सामान की खरीदारी की। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों में विधिवत पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और दीपदान किया।
दिवाली के अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह नजर आया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। दीपों की रोशनी से शहर और आसपास के कस्बों में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

