इटावा। जयपुर से इटावा लौट रहे तीन रिश्तेदार स्लीपर बस में जहरखुरानी गिरोह के शिकार हो गए। एक युवक ने उन्हें चाय, बिस्किट और खाने का सामान दिए, जिसके बाद तीनों बेहोश हो गए। सोमवार दोपहर कानपुर के फजलगंज चौराहे पर बस चालक ने उन्हें उतार दिया। होश में आने पर मोहम्मद सोहेल ने अपने दो रिश्तेदारों को बेसुध पाया। परिजन ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद एजाज की जेब से 25 हजार रुपये गायब मिले। तीनों को देर शाम इटावा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शहर कोतवाली क्षेत्र की नई बस्ती शाहग्रान निवासी मोहम्मद सोहेल (15) पुत्र तारिक, उसका बुआ का बेटा आमिर (20) और चाचा मोहम्मद एजाज (25) जयपुर में पिता के साथ रह रहे थे। सोहेल के पिता करीब 20 वर्षों से जयपुर में सिलाई का काम करते हैं। रविवार रात करीब 10 बजे तीनों जनता ट्रेवल्स की बस से इटावा के लिए निकले थे। जयपुर से ही करीब 35-40 वर्ष का एक युवक बस में उनके पास बैठ गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दोस्ताना व्यवहार कर उस युवक ने रास्ते में राजस्थान के बालाजी मोड़ के पास उन्हें खाने-पीने का सामान दिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। आमिर की मां रेहाना ने बताया कि बस चालक ने तीनों को कानपुर में उतारा। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सोहेल को होश आया तो उसने चाचा के फोन से पिता को घटना की जानकारी दी। इटावा से कानपुर पहुंचे रिश् तीनों को इटावा लाए। शाम करीब 8 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेहाना ने बताया कि एजाज की जेब में 25 हजार रुपये रखे थे। यह रकम बकरीद के बाद की करीब तीन माह की कमाई थी। एजाज यह कमाई घर लेकर आ रहे थे। परिजन ने जहरखुरानी गिरोह पर रुपये निकालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।



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