इटावा। मुख्य मार्गों और हाईवे के किनारे स्थित मकानों में चोरी करने वाले पंखिया गैंग के छह सदस्यों को पुलिस ने सोमवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग जिलों में कुल 86 मुकदमे दर्ज हैं। इनके कब्जे से 135.77 ग्राम सोना, 1.321 किलो चांदी के बिस्किट, 307.420 ग्राम चांदी के जेवर, 32,250 रुपये नकद, दो तमंचे, कारतूस, कार और मोबाइल बरामद हुआ है।

ग्वालियर बाईपास रोड पर चेकिंग के दौरान सोमवार रात पुलिस ने एक कार को रोकने का प्रयास किया तो कार सवारों ने टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पीछा कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी बदायूं के रहने वाले हैं। इनमें थाना दातागंज के चंदोखा चितापुख्ता हाल पता कासगंज के सोरों कटरा मोहल्ला निवासी रमेश कश्यप, थाना हजरतपुर के मौजमपुर मुनीश जाटव उर्फ त्यागी, गड़िया पैगंबरपुर के वसीम, मुकद्दर अली उर्फ पंखिया, इरफान अहमद उर्फ बौरा और मोहल्ला गोशनगर निवासी अनीस अहमद शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने सात अगस्त की रात इकदिल क्षेत्र में चोरी करने की बात कुबूली है। ऊसराहार क्षेत्र के कौवा स्थित गायत्री शक्तिपीठ में हुई चोरी में भी गैंग की संलिप्तता सामने आई है। इसके अलावा भरतपुर राजस्थान और हरदोई में हुई चोरी की घटनाओं की भी जानकारी मिली है। संबंधित पुलिस थानों से सत्यापन कराया जा रहा है।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गैंग के सदस्य दिन में हाईवे और मुख्य मार्गों के आसपास स्थित गांवों में मकानों की रेकी करते थे। बंद मकान और छत तक पहुंचने के रास्ते चिह्नित करने के बाद रात में किराये की कार से घटनास्थल के पास पहुंचते थे। कुछ सदस्य चोरी करने के लिए उतरते थे, जबकि वसीम बाहर खड़ा होकर निगरानी करता था। छत तक पहुंचने के लिए आरोपी एक-दूसरे के कंधों और शरीर का सहारा लेकर मानव पिरामिड बनाते थे। जरूरत पड़ने पर घर में मौजूद साड़ी या कपड़े का भी इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में सामने आया कि वारदात के दौरान आरोपी नंगे पैर चलते थे, ताकि पैरों की आहट न हो। चेहरे कपड़े से ढककर रखते थे। खतरा महसूस होने पर बाहर खड़ा वसीम अजीब आवाज निकालकर साथियों को सतर्क करता था।

रमेश कश्यप पर 26, मुनीश कुमार जाटव उर्फ त्यागी पर 19, इरफान अहमद उर्फ बौरा पर 16, वसीम पर 14, मुकद्दर अली उर्फ पंखिया पर 10 और अनीस अहमद पर एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार रमेश कश्यप और वसीम की गैंग में प्रमुख भूमिका सामने आई है। अनीस अहमद सुनार के साथ सैलून भी चलाता है और चोरी के माल को खपाने में उसकी अहम भूमिका है। चोरी के पैसों से आरोपियों ने गांवों में मकान भी बनवाए हैं। पुलिस इन संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई होगी।

एसएसपी ने बताया रमेश कश्यप पूर्व प्रधान मोर कली का पति है और करीब तीन महीने पहले जेल से छूटकर आया था। पूछताछ में उसने बताया कि चुनाव लड़ाने के लिए चोरी करता था। चोरी के माल को दस हिस्सों में बांटा जाता था, जिनमें चार हिस्से धार्मिक कार्यों, गुरुओं और चढ़ावे में खर्च करने की बात सामने आई है। पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य लोगों और दूसरे जिलों में हुई वारदातों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।



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