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फोटो-18-फतेहपुर: बिंदकी के बाग बादशाही के भ्रमण के दौरान मस्ती करते नि:शक्त बच्चे। स्रोत: स्वयं
फतेहपुर। विशेष आवश्यकता वाले 100 बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। खागा और फतेहपुर से 50-50 बच्चों को बिंदकी के बाग बादशाही खजुहा और बावन इमली ले जाया गया।
बीएसए प्रिंसी मौर्य के निर्देशन में जिला समन्वयक अरुण मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर बच्चों को रवाना किया। भ्रमण के दौरान बच्चों को दोनों ऐतिहासिक स्थलों के महत्व और उनसे जुड़ी जानकारियां दी गईं। बच्चों के खानपान, नाश्ते और फल की व्यवस्था की गई। साथ ही उनकी सुरक्षा और सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा गया। विशेष शिक्षकों ने स्थलों से जुड़ी जानकारियां बच्चों को सरल भाषा में समझाईं।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक अरुण मिश्रा ने बताया कि अलग-अलग दिव्यांगता और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी है। इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों का मानसिक विकास होता है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है।

फोटो-18-फतेहपुर: बिंदकी के बाग बादशाही के भ्रमण के दौरान मस्ती करते नि:शक्त बच्चे। स्रोत: स्वयं

