गुलवीर सिंह ने पदक जीतने के बाद बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दोस्त को वीडियो काॅल कर अपने गुरु उड़िया बाबा के दर्शन किए। गुलवीर ने दोस्त आकाश चौधरी के माध्यम से वीडियो कॉल के जरिये गांव के लोगों से भी बात की। उन्होंने पदक जीतने का श्रेय गुरु उड़िया बाबा को समर्पित किया। 


आकाश चौधरी ने बताया कि गुलवीर ने गांव भुड़िया स्थित लालाराम श्री देवी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने छर्रा के रुद्रास कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। वर्ष 2017 में बीए प्रथम वर्ष पास करने के बाद ही उनकी सेना में नौकरी लग गई थी। सेना में रहते हुए उन्होंने वर्ष 2022-23 में एशियन गेम्स में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक प्राप्त किया था। उनकी 98 वर्षीय दादी गैंदो देवी ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गुल्लू ने देश का नाम बढ़ाया है।

सिरसा गांव में खेतों की पगडंडियों पर दौड़कर अंतरराष्ट्रीय धावक बनने का सपना देखने वाले गुलवीर अब सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़कर देश के लिए पदक जीत रहे हैं। बचपन में गुलवीर गांव की पगडंडियों पर दौड़ते थे। गांव के लोगों ने कहा कि गुल्लू की ललक देख लगता था कि वह एक दिन कमाल करेगा। पड़ोसी बनवारी लाल ने बताया कि गांव के लोग आज भी याद करते हैं कि बचपन में गुल्लू घर से घेर और खेतों तक बिना थके दौड़ता रहता था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यही बालक एक दिन अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत के लिए पदक जीतेगा।



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