उत्तर प्रदेश में मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि चार साल में महिलाओं में पांच तो पुरुषों में आठ फीसदी की दर से यह बढ़ रहा है। अब यूपी में हर पांचवां पुरुष और छठवीं महिला मधुमेह की चपेट में है। यह खुलासा हुआ है तीन दिन पहले जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण छह की रिपोर्ट में।
देशभर में मधुमेह बढ़ने की गति में तेजी आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) 5 की अपेक्षा चार साल बाद आई एनएफएचएस 6 (2023-24) की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए चौकाने वाली है। पूरे देश में जहां महिलाओं में मधुमेह बढ़ने की दर 4.3 फीसदी है, वहीं उत्तर प्रदेश में यह 5.5 फीसदी है। इसी तरह पुरुषों में पूरे देश में वृद्धि दर 5.3 फीसदी है, जबकि उत्तर प्रदेश में आठ फीसदी है।
प्रदेश में अब 15.5 फीसदी महिलाएं और 19.5 फीसदी पुरुष मधुमेह की चपेट में हैं। इनका रक्त शर्करा स्तर (ब्लड शुगर लेवल) 140 एमजी/डीआई से अधिक है। इसमें ज्यादातर को दवा लेनी पड़ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे भविष्य की चुनौती के रूप में देख रहे हैं। कामकाजी और वयस्क आबादी के बीच उच्च रक्त शर्करा (हाई ब्लड शुगर) में बढ़ोतरी की दर अधिक होने की अलग-अलग वजह बताई जा रही हैं।
रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) बढ़ने के लक्षण
- बार-बार प्यास लगना और मुंह सूखना।
- बार-बार पेशाब आना (विशेषकर रात में)।
- बिना वजह बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना।
- आंखों से धुंधला दिखाई देना।
बढ़ सकती हैं कई बीमारियां
केजीएमयू मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि रक्त शर्करा बढ़ने की दर में लगातार इजाफा होने से कई तरह बीमारियां बढ़ने की संभावना रहती है। सिर्फ मधुमेह ही नहीं बल्कि रक्तचाप बढ़ने, हृदय और रक्त वाहिकाओं की बीमारियां, हार्ट अटैक और स्ट्रोक, किडनी की बीमारी, आंखों की रोशनी जाने, नसों की कमजोरी, पैरों की गंभीर समस्याएं, कमजोर इम्यूनिटी से होने वाली अलग- अलग तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) से बचने के उपाय
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि रक्त शर्करा नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली और खानपान में सुधार करें। मैदा, चीनी और बेकरी प्रोडक्ट्स की जगह चोकरयुक्त आटा (मल्टीग्रेन) का प्रयोग करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) और कम मीठे फल (जैसे- सेब, अमरूद, पपीता) भरपूर मात्रा में खाएं। कम से कम 30 मिनट तेज गति से पैदल चलें। वजन नियंत्रित रखें, भरपूर पानी पीएं और धूम्रपान से दूर रहें।
