उरई। चीनी के बढ़े हुए दामों पर प्रशासन की सख्ती का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक 65 से 70 रुपये किलो तक बिक रही चीनी के फुटकर दाम अब घटकर 57 रुपये किलो तक आ गए हैं। वहीं थोक बाजार में भी इसकी कीमत करीब 55 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यानी कुछ ही दिनों में उपभोक्ताओं को चीनी पर करीब आठ से 13 रुपये किलो तक की राहत मिली है। प्रशासन की ओर से जमाखोरी पर निगरानी बढ़ाए जाने और थोक व्यापारियों के स्टॉक की जांच शुरू होने के बाद कीमतों में यह गिरावट आई है।
त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में तेजी ने घरेलू बजट भी बिगाड़ना शुरू कर दिया था। बाजार में चीनी की उपलब्धता होने के बावजूद दाम लगातार बढ़ने की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद जिले के पांच बड़े थोक चीनी व्यापारियों के साथ बैठक कर उनके पास मौजूद स्टॉक की पूरी जानकारी लेने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी थी कि चीनी का स्टॉक छिपाने, जरूरत से अधिक माल रोककर रखने अथवा कृत्रिम तरीके से कीमत बढ़ाने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पांच टीमें लगातार कर रहीं निगरानी
चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रखने के लिए डीएम ने जिले में पांच जांच टीमें गठित की हैं। एडीएम वित्त एवं प्रशासन राजीव राज के नेतृत्व में ये टीमें बड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों और गोदामों में उपलब्ध स्टॉक की स्थिति की जांच कर रही हैं। प्रशासन यह भी देख रहा है कि व्यापारियों के पास उपलब्ध चीनी और उनके द्वारा बिक्री की जा रही मात्रा में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं है। टीमों की निगरानी के चलते व्यापारियों में भी जमाखोरी को लेकर सतर्कता बढ़ी है।
थोक भाव घटने का फुटकर बाजार पर दिखा असर
थोक व्यापारी संजू गिरवासिया ने बताया कि थोक बाजार में चीनी का भाव 55 रुपये किलो तक आने के बाद फुटकर बाजार में भी कीमत कम हुई है। पहले 65 से 70 रुपये किलो तक चीनी खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अब करीब 57 रुपये किलो में चीनी उपलब्ध हो रही है। इससे घरों के साथ-साथ चाय, मिठाई और खाद्य पदार्थों से जुड़े छोटे कारोबारियों को भी राहत मिलने लगी है।
