कोंच। सिमरिया गांव में जन्माष्टमी की रात रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के घर हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वारदात की पूरी साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के पड़ोसी प्रमोद उर्फ चीकू ने रची थी। पुलिस ने पैर में गोली मारकर एक को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। दो आरोपियों की पुलिस तलाश में जुटी है।
जन्माष्टमी की रात नकाबपोश बदमाश सिमरिया गांव निवासी रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी रघुवीर अहिरवार और उनकी पत्नी सिमकुरा के घर में घुस गए थे। बदमाशों ने दंपती को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की और मुंह में कपड़ा ठूंसकर हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी लूटकर बदमाश भाग गए।
घटना के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। रविवार देर रात पुलिस टीम की अंडा-बिरगुवां रोड पर बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने टीम पर दो राउंड फायर किए। पुलिस ने बचाव में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कोंच के मोहल्ला गांधी नगर निवासी रवि अहिरवार के पैर में गोली लग गई।
मुठभेड़ के दौरान काशीराम कॉलोनी निवासी जमील अहमद और पड़ोसी सिमरिया निवासी प्रमोद उर्फ चीकू ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। गोली लगने से घायल रवि को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी डॉ. ईशान सोनी भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम से घटना की जानकारी ली। दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं, पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
मोबाइल नहीं, टॉर्च लेकर पहुंचे थे बदमाश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात के दौरान उन्होंने जानबूझकर मोबाइल फोन साथ नहीं रखा था। उन्हें आशंका थी कि मोबाइल की लोकेशन और सर्विलांस के जरिये पुलिस उन तक पहुंच सकती है। इसलिए उन्होंने बाजार से टॉर्च खरीदी थी। इसी टॉर्च की रोशनी में बदमाश रात के अंधेरे में रघुवीर के घर में दाखिल हुए और कमरों को खंगाला।
पड़ोसी ने तैयार की थी पूरी पटकथा
पुलिस के अनुसार डकैती की पूरी साजिश प्रमोद उर्फ चीकू ने बनाई थी। पड़ोसी होने के कारण उसका रघुवीर के घर आना-जाना था। इसी दौरान उसने घर में रखे रुपये और जेवर के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद साथियों को घर और सामान की पूरी जानकारी देकर डकैती की साजिश रची। बताया कि उसे जानकारी थी कि वृद्ध रात में कई बार लघुशंका के लिए निकलता है। खास बात यह रही कि प्रमोद खुद डकैती डालने के लिए घर के अंदर नहीं गया। वह गांव के बाहर ई-रिक्शा लेकर खड़ा रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद साथी उसके पास पहुंचे, जिसके बाद वह उन्हें ई-रिक्शा से लेकर निकल गया।
सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए बदला रास्ता
मास्टरमाइंड प्रमोद को गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी थी। उसने साथियों को ऐसे रास्ते से घर तक पहुंचाया, जहां कैमरों की नजर नहीं थी। वारदात के बाद भी आरोपियों को इसी रास्ते से गांव से बाहर निकाला गया। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आने के बाद जांच टीम ने गांव के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
ट्रेनों में मोबाइल चोरी करता था प्रमोद
बताया गया कि प्रमोद पनयारा गांव में ई-रिक्शा किराये पर चलाता था। रघुवीर अहिरवार का पड़ोसी होने के कारण उसका उनके घर में आना-जाना था। इसी दौरान उसने घर की आर्थिक स्थिति और वहां रखे सामान की जानकारी हासिल की। इसके बाद साथियों के साथ मिलकर डकैती की साजिश तैयार की गई। ग्रामीणों के अनुसार प्रमोद पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। बताया गया कि उसने ट्रेनों में मोबाइल चोरी से अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
जेवर, नगदी और ई-रिक्शा बरामद
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से तमंचा और कारतूस के अलावा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद किया है। पुलिस ने 35 हजार रुपये, चांदी के सिक्के तथा लूटे गए सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर डकैती में लूटे गए अन्य सामान और वारदात में शामिल बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वर्जन
घटना का मुख्य साजिशकर्ता पड़ोसी ही था, उसने ही साथियों के साथ मिलकर साजिश रची थी। पड़ोसी सहित तीन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश के लिए टीमें लगी हैं।
– विनय कुमार सिंह, एसपी
