ललितपुर। ब्लॉक बार के ग्राम बड़ोखरा के मजरा रामनगर में जेई वायरस के स्रोतों की जांच की गई। मुख्यालय के निर्देश पर एक मंडलीयस्तरीय टीम ने यह पड़ताल की। टीम ने वायरस के संभावित मानकों का गहन अध्ययन किया।
इसमें जलीय जीव, बांध का भराव क्षेत्र और घर से दूरी जैसे तथ्य शामिल थे। टीम ने जेई मरीज की पुष्टि के बाद विभाग की निरोधात्मक कार्रवाई जानी। पशु विभाग के अधिकारियों से जलीय जीवों के बारे में पूछा गया। ग्राम रामनगर की एक दस वर्षीय बालिका में 20 जुलाई को जेई की पुष्टि हुई थी। उपचार के दौरान 27 जुलाई को उसकी मौत हो गई थी। इस मामले के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया था। गांव में 16 लोगों की जांच की गई और नमूने लिए गए। 12 अगस्त को दो बच्चों में जेई की पुष्टि हुई, पर वे अब पूर्ण स्वस्थ हैं। पहले लखनऊ मुख्यालय से टीमें आईं थीं, पर वायरस के स्रोत का पता नहीं चल सका था।
सोमवार को निदेशालय के निर्देश पर मंडल स्तरीय टीम जनपद पहुंची। डॉ. उत्सव राज और स्थानीय विशेषज्ञों ने रामनगर का दौरा किया। उन्होंने मरीज के घर के आसपास की स्थिति का जायजा लिया। बांध, उसकी घर से दूरी और भराव क्षेत्र को भी देखा गया। टीम ने बांध में पाए जाने वाले जलीय जीवों की जानकारी जुटाई।
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पशु विभाग से ली जानकारी
मंडलीय स्तरीय टीम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से जिले में पाए जाने वाले जलीय जीवों के बारे में जाना। साथ ही किन पक्षियों में वायरस होने की संभावना है। इसके बारे में चर्चा की। साथ ही बांध क्षेत्र में पाए जाने वाले जलीय जीवों के सैंपल लेने के लिए कहा गया।
मंडलस्तरीय टीम ने वायरस के स्रोत व जुड़ाव के बिंदुओं पर जानकारी ली। गांव में निरीक्षण कर विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली।
– डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर
