उरई। जालौन-गरौठा-भोगनीपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद व संसद की रेल समिति के सदस्य नारायणदास अहिरवार ने रविवार को उरई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान लिफ्ट एलईडी डिस्प्ले बंद मिला। प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय में व्यवस्थाओं और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की कमी पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
सांसद ने स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक से स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के बगल में बने प्रतीक्षालय में कुर्सियां डलवाने और वहां मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगवाने के निर्देश दिए। प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर यात्री शेड कम होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि बारिश में यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी होती है, जबकि गर्मी में ट्रेनों के इंतजार के दौरान भी यात्रियों को दिक्कत होती होगी। उनके साथ राजीव शर्मा, ब्रजमोहन अहिरवार आदि रहे।
इन ट्रेनों के स्टापेज की उठी मांग
सांसद ने स्टेशन पर ठहराव नहीं करने वाली ट्रेनों के बारे में भी जानकारी ली। बताया गया कि मुंबई-कटिहार (09089-90), क्लोन साबरमती (09465-66) और सूरत-छपरा (09065-66) ट्रेनों का उरई में स्टापेज नहीं है। वहीं झांसी-कानपुर मेमू और झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस में कोच कम होने से यात्रियों को परेशानी होती है। रिवर्स इंटरसिटी का संचालन न होने से भी यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
11 सितंबर की बैठक में उठेंगे बुंदेलखंड के मुद्दे
सांसद ने बताया कि 11 सितंबर को ओरछा में उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के साथ बुंदेलखंड के सांसदों की बैठक प्रस्तावित है। इसमें उरई समेत पूरे बुंदेलखंड से जुड़ीं रेलवे समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उरई से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू कराने की मांग उनकी प्राथमिकता में रहेगी। इसके अलावा अमावस्या पर चित्रकूट दर्शन के लिए इस रेलखंड से रिंग रेल सेवा संचालित कराने, कोंच-सरसोकी शटल सेवा का उरई या कानपुर तक विस्तार कराने और उरई रेलवे स्टेशन पर बंदरों की समस्या से यात्रियों को निजात दिलाने का मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा।
