उरई। ग्राम पंचायत हिम्मतपुर में अलग-अलग कामों के नाम पर किए गए भुगतानों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल गोसेवक के नाम पर जारी 52 हजार रुपये को लेकर है, जो संबंधित गोसेवक के बजाय एक ठेकेदार के खाते में भेज दिया गया। इसके अलावा प्रधान व प्रधान पति के खाते में भी भुगतान करने के साथ ही एक ही कार्य के लिए कई फर्माें को भुगतान कर दिया गया।
हिम्मतपुर ग्राम प्रधान के पति चेतराम के खाते में हैंडपंप मरम्मत और गोवंश के नाम पर 1.04 लाख रुपये भेजे गए। इसके अलावा गोवंश के लिए 10 हजार, विज्ञापन के लिए चार हजार और प्रशासनिक काम के लिए नौ हजार रुपये का भुगतान भी उनके नाम पर दर्ज है। इन भुगतानों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गोवंश को स्थानांतरित करने के नाम पर चेतराम के खाते में 12100 और आगम कंस्ट्रक्शन के नाम पर 30 हजार रुपये दिए गए। वहीं गोसेवक के नाम पर 52 हजार रुपये आगम कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सुखवीर के खाते में भेजे गए।
ग्राम प्रधान गौरी बाई के नाम पर गोसेवक मानदेय के सात हजार, हैंडपंप मरम्मत के 34500 और सफाई के 17500 रुपये का भुगतान दर्ज है। प्रधान के नाम पर इन कामों का भुगतान होने से प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। प्रधान के मानदेय के नाम पर आकाश के खाते में 5200 रुपये और आगम कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सुखवीर के खाते में 28 हजार रुपये भेजे गए। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि प्रधान के नाम का भुगतान दूसरे लोगों के खातों में क्यों किया गया।
शौचालय के नाम पर दो फर्मों को 3.32 लाख
सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए साई इंटरप्राइजेज को 1.32 लाख और आगम कंस्ट्रक्शन को दो लाख रुपये दिए गए। इस तरह शौचालय के नाम पर कुल 3.32 लाख रुपये का भुगतान हुआ। जबकि नियम यह है कि एक ही फर्म का टेंडर दिया जाता है और भुगतान भी उसी फर्म को होता है, पर यहां एक से अधिक फर्माें को भुगतान नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया।
पुलिया निर्माण में भी कई खातों में भुगतान
मुख्य मार्ग पर पुलिया बनाने के नाम पर भी अलग-अलग खातों में रकम भेजी गई। लेबर के नाम पर सुखवीर को 20515 रुपये, सामग्री के लिए जय मां आदि शक्ति को 13050 रुपये और आगम कंस्ट्रक्शन को 81837 रुपये दिए गए।
इस मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी। अगर इस तरीके से भुगतान हुआ है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। – अरुण कुमार, बीडीओ, महेवा।
