झांसी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और सिंचाई प्रभावित होने की शिकायतों पर मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बुधवार को चिरगांव बिजलीघर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को हर हाल में किसानों को 12-12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता पर फोन न उठाने और शिकायतों का निस्तारण न करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्य अभियंता ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर दूसरे अवर अभियंता की तैनाती कर दी। वहीं, एक लाइनमैन को भी लापरवाही पर फटकार लगाई।
मुख्य अभियंता के अनुसार, पिछले दिनों सांसद अनुराग शर्मा और स्थानीय विधायक राजीव सिंह ने क्षेत्र में बिजली संकट और किसानों की समस्याओं से अवगत कराया था। इसके बाद उन्होंने चिरगांव बिजलीघर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। किसान पंकज यादव, यशवंत सिंह, गुलाब पाल, हरचरण, वीरेंद्र सिंह, हितेंद्र और राजकुमार ने बताया कि पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
शिकायतों को सही पाए जाने पर मुख्य अभियंता ने अधिकारियों से नया रोस्टर तैयार कराया और सभी क्षेत्रों में 12-12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसानों ने बिजली लाइनों के पास खड़े पेड़ों से दुर्घटना की आशंका भी जताई। इस पर मुख्य अभियंता ने शीघ्र पेड़ों की छंटाई कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भी इस कार्य में सहयोग का भरोसा दिया।
लाइनमैन पर पक्षपात का आरोप, चेतावनी
ग्रामीणों ने लंबे समय से तैनात लाइनमैन चंद्रशेखर पर बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने में पक्षपात करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्य अभियंता ने लाइनमैन को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में शिकायत मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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अवर अभियंता हटाए, ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश
ग्रामीणों ने अवर अभियंता मोहित पर समय पर शिकायतों का निस्तारण न करने का आरोप लगाया। मुख्य अभियंता ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर उनकी जगह अवर अभियंता गुलशन की तैनाती कर दी। साथ ही, सिया गांव में लंबे समय से खराब पड़े ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
