जापान के काकामिगाहारा में चल रहे अंडर-18 मेन्स हॉकी एशिया कप में भारत ने अपने पहले ही मैच में ऐसा तूफानी खेल दिखाया कि कजाकिस्तान की टीम पूरी तरह बिखर गई। भारतीय टीम ने 13-0 से एकतरफा जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस जीत के सबसे बड़े हीरो झांसी के 14 वर्षीय केतन कुशवाहा रहे। उन्होंने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार हैट्रिक जड़ी।

कप्तान केतन ने मैच में अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग और सटीक फिनिशिंग से विरोधी टीम को उलझाए रखा। तीसरे क्वार्टर में उन्होंने लगातार दो गोल दागे और फिर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय हैट्रिक पूरी कर ली। केतन के इस विस्फोटक प्रदर्शन से भारत तीसरे क्वार्टर तक ही 11-0 की अजेय बढ़त बना चुका था। पूरे मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा इतना जबरदस्त रहा कि कजाकिस्तान की टीम गोल बचाने के लिए संघर्ष करती नजर आई।

झांसी के इस लाल ने एशिया कप के शुरुआती मुकाबले में अपनी चमक बिखेरते हुए हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया। केतन के शानदार प्रदर्शन से झांसी में खेल प्रेमी उत्साहित हैं।



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