झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को ओपीडी और आईपीडी का बहिष्कार किया। उन्होंने प्राचार्य दफ्तर के बाहर और ओपीडी में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद बीकेडी चौराहे तक जुलूस निकाला। एलान किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। शासनादेश में स्पष्ट है स्टाइपेंड समानरूप से दिया जाएगा। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार ने एमबीबीएस का स्टाइपेंड बढ़ा दिया है, लेकिन हमारा जस के तस है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है, जबकि उन्हें सिर्फ 7,500 रुपये मिल रहा है। इतने कम स्टाइपेंड में उनका किसी भी तरह से गुजारा नहीं हो रहा है।
बीएएमएस के विद्यार्थी भी समर्थन में
सुबह आठ बजे इंटर्न डॉक्टर ओपीडी व आईपीडी में जाने के बजाय प्राचार्य कार्यालय के बाहर एकत्रित होने लगे। करीब 10:30 बजे उनके समर्थन में बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) के छात्र-छात्राएं भी उतर आए। उनका तर्क रहा कि आने वाले समय में उन्हें भी स्टाइपेंड मिलेगा, इसलिए साथ दे रहे हैं। एकजुट इंटर्न व बीएएमएस के छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर और ओपीडी परिसर में नारेबाजी की। इसके बाद नारे लिखे बैनर और तख्तियां लेकर डॉक्टर और विद्यार्थियों ने कॉलेज से बीकेडी चौराहे तक जुलूस निकालते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक उनका विरोध-प्रदर्शन और कार्य-बहिष्कार जारी रहेगा।
0- ये बोले इंटर्न
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन और कार्य-बहिष्कार किया है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक शांत नहीं बैठेंगे।
-राघवेंद्र कुमार
महंगाई के दौर में 7,500 रुपये स्टाइपेंड में बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं होती हैं। एमबीबीएस का स्टाइपेंड बढ़ाया है, वैसे ही हमारा भी बढ़े।
-राखी
बीएएमएस के इंटर्न स्टाइपेंड को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। फैसला कर लिया है कि जब तक स्टाइपेंड नहीं बढ़ेगा तब तक कार्य-बहिष्कार रहेगा।
-शैलेंद्र पटेल
हमारी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग जब तक पूरी नहीं होती है, तब तक ओपीडी व आईपीडी के कार्य का बहिष्कार एकजुटता से जारी करेगा।
-विकास मोहन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के आयुर्वेद कॉलेजों में विरोध-प्रदर्शन व कार्य-बहिष्कार हुआ है। इससे ओपीडी व आईपीडी प्रभावित नहीं हुई है, क्योंकि कंसल्टेंट ड्यूटी पर रहे। महानिदेशक ने इंटर्न का ब्योरा और स्टाइपेंड को लेकर आने वाले खर्च की रिपोर्ट मांगी है, जो भेज दी है। उम्मीद है कि सरकार जल्द कोई सकारात्मक कदम उठाएगी।
-प्रो. माखन लाल, प्राचार्य आयुर्वेद कॉलेज
