झांसी। किसान बंधु की बैठक में मुख्य रूप से खाद, बीज और बिजली के मुद्दे छाए रहे। बैठक में किसानों ने सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं। इस पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने हर मासिक बैठक की तरह इस बार भी जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का पारंपरिक आश्वासन दिया। वहीं, उर्वरक को लेकर उठी समस्याओं के समाधान में बताया गया कि सभी समितियों पर खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
खरीफ की बुआई के इस दौर में इस साल कम बारिश होने के कारण धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने शिकायत की कि उन्हें सिंचाई के लिए रोजाना केवल कुछ घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे धान और मूंगफली सहित अन्य फसलों की सिंचाई में भारी समस्या आ रही है और फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
इस गंभीर समस्या पर सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष मनमोहन ने बिजली विभाग के अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार किसानों को नियमित बिजली देने के कड़े निर्देश दिए। इस पर अधिकारियों ने जल्द ही नया रोस्टर तैयार करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कई किसानों ने शिकायत की कि जनपद के विभिन्न इलाकों में फुंके पड़े ट्रांसफार्मर बार-बार शिकायत के बाद भी बदले नहीं जा रहे हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से ऐसे सभी ट्रांसफार्मर बदलने के आदेश दिए।
उर्वरक के मुद्दे पर उप जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी समितियों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान समय में जिले में 5,000 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया और 2,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। बैठक के दौरान किसान नेता महेंद्र पाल सिंह ने मंडी सचिव सहित अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई, जिस पर उपाध्यक्ष ने गैरहाजिर अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
