झांसी। नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को फंसाने वाला गिरोह तीन महीने से झांसी में ठगी का कारोबार कर रहा था। पुलिस को छानबीन मेें तीन कंपनियों के नाम मालूम चले। शातिर जालसाज डब्ल्यूएचओ एवं नामी दवा कंपनियों में भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। सेंटर से 204 युवक-युवतियों के ज्वाइनिंग फॉर्म मिले। ऐसे में संभावना जताई जा रही कि इनसे भी मोटी रकम वसूली गई।
प्रेमनगर के राजगढ़ इलाके की एक ही इमारत में भारत एसोसिएट, रिद्धि सिद्धि एसोसिएट एवं मां लक्ष्मी एसोसिएट के नाम से तीन कंपनियां चलती पाई गईं। पैसों का लेनदेन इनके सहारे करते थे। इनमें भारत एसोसिएट से 117, रिद्धि-सिद्धि से के 62 एवं मां लक्ष्मी एसोसिएट से 25 युवाओं के फॉर्म मिले। इनमें से अधिकांश नाम-पते राजस्थान के हैं।
पुलिस को मौके से 50 ट्रेनी मिले थे। इनमें राजस्थान के भरतपुर के 28, टोंक के 7, बारां के 5, जयपुर एवं दौसा के 2, अजमेर, झालवाड़ एवं गुना (मध्य प्रदेश) के 1-1 ट्रेनी शामिल थे। युवतियां प्रयागराज, बनारस एवं गाजीपुर की थीं। पुलिस को इनसे पूछताछ में यह भी मालूम चला कि इन सभी को डब्ल्यूएचओ समेत बड़ी दवा कंपनियों में भी नौकरी दिलाने के नाम पर भी पैसे ऐंठे जाते थे।
शातिर जालसाज इन युवकों को ठगी का शिकार बनाने के बाद उनको ही आगे ठगी में इस्तेमाल भी करते थे। सेंटर से पकड़े गए सभी ट्रेनी एक-दूसरे के परिचित हैं। पुलिस को अलग-अलग नाम से बने 36 स्टांप पेपर भी मिले हालांकि पुलिस को अभी यह नहीं मालूम चला कि 204 ज्वाइनिंग फार्म भरने वाले युवकों को कब ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया। साइबर सीओ आसमा वकार के मुताबिक पुलिस को मौके से कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उसके आधार पर मामले की आगे जांच चल रही है।
