चिरगांव। गल्ला मंडी में धान के दामों में गिरावट, सैंपल के नाम पर धान लेने और भुगतान में देरी को लेकर शुक्रवार को किसानों ने हंगामा किया। इसके चलते सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक नीलामी बंद रही। सूचना पर पहुंचीं एसडीएम मनीषा धार्वे ने किसानों और व्यापारियों से बातचीत कर समस्याएं सुनीं। इसके बाद नीलामी दोबारा शुरू हुई। एसडीएम ने सैंपल के नाम पर अधिकतम दो किलो धान लेने और मंडी में पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
किसानों ने बताया कि एक दिन पहले 4000 से 4200 रुपये तक बिकने वाला धान अब 3600 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इसके अलावा नीलामी के दौरान प्रत्येक ट्रैक्टर से चार से पांच किलो धान सैंपल के नाम पर ट्रॉली से निकाल ली जाती है। जिस पर किसानों ने आपत्ति जताई। किसानों का आरोप है कि भुगतान एक सप्ताह से लेकर 15 दिन के अंतराल में किया जाता है। इसके बाद भी दो प्रतिशत की कटौती की जाती है। जबकि कहा जाता है कि किसानों को तत्काल भुगतान देने पर ही कटौती होगी।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश जैन, अरविंद गुप्ता, सुधाकर गुप्ता, हेमंत खंताल ने किसानों पर व्यापारियों से गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की। जिस पर एसडीएम ने पुलिस को पत्र लिखकर मंडी में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही व्यापारियों ने सुअरों और सड़क पर गड्ढों के कारण होने वाली परेशानी भी उठाई। व्यापारियों का कहना था कि जब बाहर की मिलों में रेट कम हो जाते हैं तो उन्हें भी रेट कम करना पड़ता है।
एसडीएम ने दोनों पक्षों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि मंडी में पुलिस फोर्स की व्यवस्था की जाएगी, व्यापारियों की ओर से लिए जाने वाले सैंपल दो किलो से अधिक नहीं होंगे। खरीद का समय सुबह 9 बजे से दो तक रखा जाए । इसके बाद ही लंच हो । इस दौरान अगर कोई व्यापारी सीधे किसानों से उपज खरीदता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए ।
