झांसी। बुढ़ापे में आर्थिक सहारे के लिए मिलने वाली पेंशन इस बार बुजुर्गों का इंतजार बढ़ा रही है। जिले के 75 हजार से अधिक पात्र बुजुर्गों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली वृद्धावस्था पेंशन की किस्त अब तक नहीं मिली है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार धनराशि उपलब्ध न होने के कारण पेंशन की प्रक्रिया अटकी हुई है। नियमानुसार पहली किस्त जून के अंत या जुलाई तक खातों में पहुंच जानी चाहिए थी, लेकिन अगस्त में भी बुजुर्ग इसके इंतजार में हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से 60 वर्ष से अधिक उम्र के महिला और पुरुषों को सामाजिक सुरक्षा के तहत एक हजार रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। पेंशन की राशि तीन महीने में एक बार लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष की अंतिम किस्त मार्च में मिलने के बाद अब तक नई किस्त नहीं पहुंची है। ऐसे में पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है।
मऊरानीपुर में सबसे ज्यादा पेंशनर
ब्लॉक
पेंशनर
बबीना
4,142
बड़ागांव
3,757
बामोर 10,453
चिरगांव
7,078
गुरसराय 8,822
मऊरानीपुर
11,074
मोंठ
6,079
शहरी क्षेत्र में 15,873 पेंशनर
नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र को मिलाकर जिले के नगरीय इलाकों में 15,873 बुजुर्ग पेंशनर हैं। इनमें सबसे अधिक 6,104 पेंशनर नगर निगम झांसी क्षेत्र में हैं। वहीं पारीछा में पिछले वित्तीय वर्ष में महज एक पेंशनर को वृद्धावस्था पेंशन मिली थी। विभाग के अनुसार आगामी किस्त में पेंशनरों की संख्या में बदलाव संभव है। मृत्यु होने या नए पात्र लाभार्थियों के जुड़ने से संख्या घट या बढ़ सकती है।
सत्यापन के बाद जारी होगी पेंशन
विभागीय सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त जारी करने से पहले पेंशनरों का सत्यापन भी किया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर पात्रता और अन्य विवरणों की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेंशन की राशि खातों में भेजने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वृद्धावस्था पेंशन तीन माह में एक बार आती है। प्रक्रिया चल रही है और ब्लॉक स्तर पर जांच की जा रही है। पेंशन खातों में डालने की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। – ललिता यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी
