– झांसी में सबसे ज्यादा 114 केस लंबित, आयुक्त ने तीनों डीएम को अगस्त तक निस्तारण के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी मंडल में नामांतरण, भूमि बंटवारा व सीमांकन से लेकर अभिलेख दुरुस्तीकरण के लिए दायर 142 वाद पांच सालों से अधिक समय से लंबित हैं। राजस्व न्यायालयों में सालों से लंबित इन वादों के निस्तारण के लिए अब मंडलायुक्त ने तीनों जिलों के डीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं। अगस्त के अंत तक इनका निस्तारण कराने के लिए कहा है।
बीते पांच अगस्त को हुई मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में पांच साल से अधिक अवधि के लंबित वादों के निस्तारण की समीक्षा की गई। इस दौरान जनपदों से प्राप्त विवरण और चार अगस्त की ऑनलाइन प्रगति रिपोर्ट के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि मंडल के अधीनस्थ जनपदीय राजस्व न्यायालयों में पांच साल से अधिक अवधि के 142 वाद लंबित हैं। इनमें झांसी में पांच साल से अधिक अवधि के 114 वाद लंबित हैं, जिनमें 90 वाद सिर्फ तहसील के न्यायालयों में लंबित हैं। वहीं, जालौन में 19 वाद लंबित हैं। इसी तरह, ललितपुर में नौ वाद लंबित हैं। ये स्थित असंतोषजनक है, जो शासन की मंशा के भी विपरीत है। आयुक्त बिमल कुमार दुबे ने मंडल के तीनों जिलाधिकारियों को जनपद के संबंधित न्यायालयों की व्यक्तिगत रुचि लेते हुए समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि लंबित वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर इसी माह के अंत तक करें।
जनपद में ये है स्थिति
झांसी जिले में चार अगस्त तक पोर्टल पर 421751 केस दायर हुए। इसमें 407730 वादों का निस्तारण हो गया। मौजूदा समय में 14021 वाद लंबित हैं। इनमें 1821 वाद एक साल से अधिक समय से लंबित हैं। जबकि, 187 वाद तीन सालों से लंबित हैं। वहीं, 114 केस पांच साल से अधिक समय से लंबित चल रहे हैं।
