मऊरानीपुर। बुंदेलखंड का 158वां प्रांतीय जलविहार महोत्सव इस वर्ष 13 दिवसीय आयोजन के साथ सोमवार से शुरू हो रहा है। यह मेला मऊरानीपुर नगर पालिका परिषद के गठन वर्ष 1869 से भी प्राचीन है। यह अपनी धार्मिक मान्यताओं, इतिहास और सामाजिक समरसता के लिए विशेष पहचान रखता है।
जलविहार मेले का धार्मिक महत्व विशिष्ट है। मऊरानीपुर ही प्रयागराज के बाद एकमात्र स्थान है जहां सुखनई और सपरार नदियों का पूर्वमुखी संगम होता है। मान्यता है कि इस पवित्र संगम स्थल से प्राचीन काल में 100 से अधिक मंदिरों का निर्माण हुआ। मेले की मुख्य परंपरा मंदिरों की अचल देव-प्रतिमाओं का जलविहार है। उत्सव के दौरान रात में शोभायात्रा निकाली जाती है। ब्रह्ममुहूर्त में देव-प्रतिमाओं को सुखनई व सपरार नदी के तट पर ले जाकर जलविहार कराया जाता है। अंग्रेजों के शासनकाल से ही मेले के लिए सरकारी बजट का प्रावधान रहा है। प्राचीन रियासतें शोभायात्रा मार्ग पर चांदी के सिक्कों से देव-प्रतिमाओं का टीका करती थीं। वर्तमान में नगर पालिका बड़े विमानों का टीका 10 हजार रुपये और छोटे विमानों का टीका 501 रुपये से करती है। (संवाद)
सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थल
पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम नजाई बाजार में होते थे, दुकानें सड़क किनारे लगती थीं। नजाई बाजार में स्थायी दुकानें बनने के बाद कार्यक्रम दमेले क्रीड़ा स्थल में स्थानांतरित हुए। वर्ष 2012-13 में सुखनई नदी किनारे मेला ग्राउंड और मंच बना। अब सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच प्रदर्शन और व्यावसायिक गतिविधियां इसी प्रांगण में होती हैं। विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने मेला ग्राउंड में स्थायी टीन शेड बनवाया है, जिससे कलाकारों और श्रद्धालुओं को मौसम से राहत मिलेगी।
मेले का महत्व और व्यवस्था
यह 13 दिवसीय मेला नगर, ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के जनपदों से भारी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटकों को आकर्षित करेगा। मेले में झूले, खेल-तमाशे, जादू के शो, खान-पान व हस्तशिल्प की दुकानें लगेंगी। यह मेला आस्था का केंद्र होने के साथ स्थानीय व्यापारी, छोटे दुकानदारों और लोक कलाकारों के लिए रोजगार का अवसर भी है। पालिका अध्यक्ष शशि श्रीवास ने बताया कि नगर पालिका परिषद इस आयोजन को पूरी गरिमा, सुरक्षा और भव्यता से संपन्न कराने को प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं, पर्यटकों और कलाकारों की सुविधा के लिए मेला ग्राउंड में स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
