प्रभारी मंत्री बोले- मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान मरीजों से बाहर से दवाएं मंगाने की होगी जांच, एडीएम-सीएमओ करेंगे पड़ताल

झांसी। जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इनमें पर्यटन स्थलों के संरक्षण, मंदिरों के विकास और सुविधाएं बढ़ाने के काम शामिल हैं। वहीं, महनगर में 45 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा वाले मार्गों पर रात में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक वाहन चलाने पर ऑनलाइन चालान नहीं होगा। शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के बाद पर्यटन एवं संस्कृति और प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।

मेडिकल कॉलेज में बाहर से दवा-सर्जरी का सामान मंगाने की होगी जांच

मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान मरीजों से बाहर से दवाएं और सर्जरी का सामान मंगाए जाने की शिकायत की जांच एडीएम और सीएमओ करेंगे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के आईसीयू के निरीक्षण के दौरान पांच मरीज भर्ती मिले थे। कुछ मरीजों के परिजनों ने सर्जरी का सामान बाहर से मंगाए जाने की शिकायत की और इसके बिल भी दिखाए।

मंत्री ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद डीएम रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। सरकारी अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरणों की स्थापना भी कराई जा रही है।

500 बेड अस्पताल के लिए मांगे 47 करोड़

मेडिकल कॉलेज परिसर में बने 500 बेड के अस्पताल के लिए स्थापना मद में 47 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इस धनराशि से जरूरी उपकरण आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जनपद में मंजूर पर्यटन परियोजनाओं का भूमि पूजन एक से डेढ़ महीने में कराकर काम शुरू कराने की तैयारी है। वहीं, खनिज प्रभावित गरौठा और मऊरानीपुर क्षेत्र में साढ़े सात करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों को बारिश से पहले काम शुरू कराने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नॉन-जेडए की खाली जमीन नगर निगम को देने की तैयारी

बैठक में डीएम गौरांग राठी ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब अभियान चलाकर नॉन-जेडए की खाली भूमि को नगर निगम को सौंपने की कवायद शुरू की गई है। इस भूमि का इस्तेमाल जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा।

थर्ड पार्टी ऑडिट के बाद ही सौंपी जाएंगी इमारतें

पर्यटन समेत बड़ी परियोजनाओं के तहत बनने वाली इमारतों को थर्ड पार्टी ऑडिट के बाद ही संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा। आईआईटी और आईआईएम की टीमें गुणवत्ता की जांच करेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वहीं, सफेद पट्टी के अंदर खड़े वाहनों का चालान नहीं किया जाएगा।

इन पर्यटन परियोजनाओं को मिली मंजूरी

परियोजना

लागत

परंपरा पर्यटन एवं संस्कृति वन स्टॉप सेंटर

5 करोड़

चंपत राय महल एवं रघुनाथ राय महल का संरक्षण

2 करोड़

लहर की देवी मंदिर में बहुउद्देश्यीय हॉल समेत अन्य कार्य

1 करोड़

एरच में मढ़ियाघाट के पार्श्व में एरच महोत्सव व पर्यटन विकास

1 करोड़

बंगरा के सिजारों में श्री चाड़कर सरकार महाराज मंदिर पर्यटन विकास

1 करोड़

गरियागांव में पप्पन नदी किनारे बरिया वाली माता मंदिर विकास

1 करोड़

मोंठ के मडपुरा अमरोख में श्री हीरामन महाराज मंदिर विकास

1 करोड़

मोतीकटरा में बलुआघाट हनुमान मंदिर में बहुउद्देश्यीय हॉल व अन्य कार्य

1 करोड़

गरियागांव में सिद्धबाबा की टौरिया सिद्ध महाकाली मंदिर विकास

1 करोड़

सिमरावारी में प्राचीन माता मंदिर में बहुउद्देश्यीय हॉल, यात्री बेंच व अन्य कार्य

1 करोड़



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