उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर और अरब सागर से आ रही नमी के कारण शुक्रवार को पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बारिश में कमी दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वांचल में बादल बने और कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ बारिश हुई। हालांकि, मानसूनी द्रोणी के कमजोर पड़ने से अब प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने की परिस्थितियां बन रही हैं।
इसके बाद बारिश का दौर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 20 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 22 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश थमने तथा मौसम शुष्क होने के आसार हैं। इससे प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
प्रदेश में सितंबर में औसत से 4 फीसदी कम बारिशलखनऊ। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में सितंबर के महीने में एक से लेकर 16 सितंबर तक औसत से चार फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं अगर केवल पूर्वी यूपी की बात करें तो यहां औसत से 10 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत से 5 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
