झांसी। नगर क्षेत्र में बिना मान्यता चल रहे स्कूल को शिक्षा विभाग द्वारा बंद करने का नोटिस जारी करने के बाद बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में खूब हंगामा हुआ। विद्यालय प्रबंधक ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के एक बाबू ने मान्यता दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लिए हैं। फिर भी मान्यता नहीं हुई। विवाद बढ़ने पर पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस बाबू और विद्यालय प्रबंधक को थाने ले आई। बीएसए ने नवाबाद थाना प्रभारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
बीएसए जितेंद्र कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र के एक विद्यालय की 2007 से 2011 तक कक्षा एक से पांचवीं तक अस्थायी मान्यता थी। उसके बाद यह विद्यालय बिना मान्यता के चल रहा था। बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया तो यहां कक्षा आठ तक कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इस पर प्रबंधक को स्कूल बंद करने का नोटिस जारी किया गया। नोटिस मिलते ही स्कूल प्रबंधक शाम करीब साढ़े चार बजे बीएसए कार्यालय पहुंच गए।
प्रबंधक ने विभाग के ही एक बाबू पर मान्यता के लिए पैसे लेने के आरोप जड़े। इस दौरान बाबू और स्कूल प्रबंधक के बीच जमकर नोकझोंक हुई। बाद में प्रबंधक की बीएसए से भी बहस हुई। इस पर डायल 112 पर फोन करके पुलिस को मौके पर बुला किया गया। पुलिस बाबू और प्रबंधक को नवाबाद थाने ले आई, जहां दोनों पक्षों ने अपनी बताई। वहीं, घटना के बाद बीएसए ने नवाबाद थाना प्रभारी को पत्र भी लिखा। इसमें प्रबंधक पर कार्यालय में अनावश्यक दबाव बनाने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
