बुंदेलखंड में पड़ोसी जनपद बांदा जहां सूखते तालाबों और जलस्रोतों के कारण संकट से जूझ रहा है, वहीं ललितपुर और झांसी जिले के लिए राहत भरी स्थिति है। भीषण गर्मी और लगातार गिरते जलस्तर के बावजूद जिले के प्रमुख बांधों में अभी पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। यहां तक कि ये बांध झांसी के अलावा मध्य प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में लोगों की प्यास बुझाते हैं। सिंचाई विभाग का दावा है कि मानसून के आने तक पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
जनपद में 14 बांध परियोजनाएं हैं, जिनमें भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। इन बांधों से करीब 60 से 70 फीसदी पानी सिंचाई कार्यों में उपयोग होता है, जबकि पेयजल के लिए भी पर्याप्त मात्रा सुरक्षित रखी जाती है। हर घर जल नल योजना में भी इन्हीं बांधों के पानी का उपयोग किया जा रहा है। अप्रैल माह से लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान रहने के कारण बांधों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद राजघाट, माताटीला, शहजाद और गोविंद सागर जैसे प्रमुख बांधों में अभी पर्याप्त जल भंडार मौजूद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मानसून आने में करीब एक माह शेष है और वर्तमान उपलब्ध पानी पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
रोहिणी बांध अपने न्यूनतम स्तर से मात्र 0.65 मीटर ऊपर है, जबकि गोविंद सागर बांध में 1.8 मीटर का अंतर बचा है। इसके बावजूद विभाग स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद बांध दोबारा भर जाएंगे।
जिले के सभी प्रमुख बांधों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी और विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। – भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड एवं नोडल अधिकारी
जिले के प्रमुख बांधों की स्थिति
बांध वर्तमान जलस्तर वर्तमान भंडारित पानी
गोविंद सागर 359.63 मीटर 30.92 एमसीएम
शहजाद 318.20 मीटर 66.54 एमसीएम
जामनी 397.91 मीटर 16.28 एमसीएम
सजनाम 369.80 मीटर 30.50 एमसीएम
रोहिणी 393.65 मीटर 4.65 एमसीएम
उटारी 323.80 मीटर 4.82 एमसीएम
राजघाट 366.65 मीटर 48.71 एमसीएम
माताटीला 301.14 मीटर 64.39 एमसीएम
कचनौंदा 337.00 मीटर 37.01 एमसीएम
लोअर रोहिणी 364.30 मीटर 1.77 एमसीएम
जमड़ार 365.70 मीटर 3.65 एमसीएम
भावनी 310.60 मीटर 15.10 एमसीएम
बंडई 398.80 मीटर 2.83 एमसीएम
