लखनऊ। प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव अब लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई का हिस्सा बनेगा। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तहत पूर्व मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय का पहला चयन किया गया है। वे विद्यार्थियों को लोक प्रशासन और शासन-प्रशासन से जुड़े विषय पढ़ाएंगे। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव से यूजी और पीजी के छात्रों को कक्षा में किताबी ज्ञान के साथ जमीनी प्रशासन की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा।
लविवि की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के लिए विशेषज्ञों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें प्रशासन, उद्योग, प्रबंधन और विभिन्न क्षेत्रों में लंबे अनुभव वाले विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय से जोड़ने की तैयारी है। सूची में कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों के नाम शामिल हैं। इनका चयन भी जल्द किया जा सकता है। अनूप चंद्र पांडेय का प्रशासनिक अनुभव व्यापक रहा है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ ही केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। ऐसे में उनके अनुभव का लाभ विद्यार्थियों को सार्वजनिक नीति, प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्णय प्रक्रिया जैसे विषयों को समझने में मिलेगा।
कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था शुरू करने का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है। इसके तहत ऐसे अनुभवी पेशेवरों और विशेषज्ञों को विद्यार्थियों के बीच लाया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया हो। इससे छात्रों को कॅरिअर के साथ-साथ वास्तविक कार्यप्रणाली और चुनौतियों की जानकारी भी मिलती है।
जानिये अनूप चंद्र पांडेय के बारे में
उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी अनूप चंद्र पांडेय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और भारत के निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्य किया। मैकेनिकल इंजीनियर में बीटेक, मटेरियल मैनेजमेंट में एमबीए और प्राचीन इतिहास में पीएचडी करने वाले अनूप चंद्र पांडेय 14 फरवरी 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे।
कई और आईएएस व विशेषज्ञ भी कतार में
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के लिए तैयार सूची में कई अन्य अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों के नाम भी हैं। संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनके चयन की घोषणा की जा सकती है। इससे विश्वविद्यालय में अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों से पढ़ने का अवसर छात्रों को मिलेगा। एक और पूर्व वरिष्ठ महिला आईएएस अफसर का भी आवेदन विवि को प्राप्त हो चुका है। जल्द ही उनके नाम पर भी मुहर लग सकती है।

