लखनऊ। केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने कुलसचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। परिषद ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया कि कुलसचिव की कार्यप्रणाली से कर्मचारियों में भय और असंतोष का माहौल है।
कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि सेवा संबंधी प्रकरण, वेतन, पदोन्नति, वेतन निर्धारण और भर्ती के मामलों में जानबूझकर देरी की जा रही है। कुछ कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। पत्रावलियों को एक अधिकारी से दूसरे के पास भेजकर लंबित रखा जा रहा है और शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की जा है।
महामंत्री अनिल कुमार ने बताया कि 18 मई की बैठक में एक महीने में समस्याएं हल करने का आश्वासन मिला था। इसके बाद 22 मई को आंदोलन स्थगित किया गया लेकिन चार महीने बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। कार्यपरिषद से पास पांच कैडर प्रस्तावों पर भी कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि समस्याएं नहीं सुलझीं तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
