लखनऊ। बालिका विद्यालयों के बाहर जाम की समस्या के बीच छात्राओं को तंग करने की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ खंडपीठ ने इनकी सुरक्षा और स्कूलों के बाहर यातायात प्रबंधन को लेकर ठोस सुझाव मांगते हुए डीजी ट्रैफिक को 17 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट की सख्ती के बाद शनिवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो राजकीय व अनुदानित बालिका इंटर कॉलेजों के बाहर छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले।

छुट्टी से पहले जुट गए अराजक तत्व

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहमीना में छुट्टी दोपहर 3:30 बजे होती है। इससे 10 मिनट पहले ही अराजक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो गया। छुट्टी होते ही मुख्य द्वार पर भीड़ लग गई। इससे छात्राओं को निकलने में भी परेशानी हो रही थी। विद्यालय प्रशासन की ओर से इनकी सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखी। राजकीय बालिका जुबिली इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर भी कुछ ऐसे ही हालात थे।

करामत कॉलेज के बाहर भी नहीं दिखी पुलिस

महानगर स्थित करामत गर्ल्स मुस्लिम डिग्री कॉलेज की छुट्टी दोपहर दो बजे हुई। अतिक्रमण के बीच टेंपो, ई ऑटो के जमावड़े से छात्राएं को काफी परेशानी हुई। चाय व पान की दुकान पर कुछ युवक हंसी-मजाक कर रहे थे, जिन्हें देखकर छात्राएं असहज नजर आईं। स्कूल और कॉलेज के छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी का आदेश है, लेकिन कॉलेज के पास कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पास की गोपाल पुरवा पुलिस चौकी भी बंद मिली। चौराहे पर एक ट्रैफिक सिपाही यातायात संभालता नजर आया।

गेट के बाहर ई रिक्शा, ऑटो चालकों का कब्जा

दोपहर तीन बजे केकेसी कॉलेज के बाहर छात्राओं का आवागमन जारी था। हालांकि, इनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई सुरक्षाकर्मी नहीं तैनात किया गया था और पुलिस भी नदारद थी। कॉलेज के गेट तक ई-रिक्शा व ऑटो चालकों का कब्जा था। सड़क पर वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े थे, जिससे छात्राओं को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। गेट पर बस भी खड़ी मिली। जेसीपी एलओ बबलू कुमार का कहना है कि स्कूल-कॉलेजों के बाहर सुबह व दोपहर के वक्त पुलिस रहती है। इसके अलावा भी बीच-बीच में टीम गश्त करती है। मिशन शक्ति के कार्यक्रमों के दौरान छात्रों को पुलिस के नंबर दिए गए हैं। छात्राओं से अपील की गई है कि किसी भी दिक्कत में मदद के लिए फोन कर सकती हैं। यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है।



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