लखनऊ। उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी की ओर से शिक्षक दिवस पर शनिवार को इंदिरा भवन स्थित अकादमी कार्यालय में संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम में कवि किशनचंद बेवस के साहित्य और शिक्षा में योगदान पर चर्चा हुई। अकादमी निदेशक अभिषेक कुमार अखिल, अनिल चंदानी, दुनीचंद, प्रकाश गोधवानी, कनिका गुरनानी और लाज लालवानी ने भगवान झूलेलाल पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम शुरू किया। सुधामचंद चंदवानी, इंदिरा मदान, मनीषा गोधवानी और भावना मंगलानी ने बेवस के साहित्य पर विचार रखे। बता दें कि किशनचंद बेवस सिंधी साहित्य के महान और सम्मानित कवि थे। उन्हें सिंधी कविता के आधुनिक दौर का प्रमुख रचनाकार माना जाता है। ”शीरीं शीर” और ”गंगाजूं लहरू” उनके चर्चित काव्य-संग्रह हैं। बच्चों के लिए भी उन्होंने सरल और कल्पनाशील कविताएं लिखीं। 23 सितंबर 1947 को लरकाना में उनका निधन हुआ था।




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