इस वर्ष 30 से 40 फीसदी तक नमी वाली मक्का भी हाथों-हाथ बिक रही है। गुजरात में एथनॉल बनाने वाली कंपनियां इसकी खरीद कर रही हैं। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा में बियर बनाने वाली बड़ी इकाइयों में भी इसकी आपूर्ति हो रही है, जिससे किसानों की यह चिंता दूर हो चुकी है कि गीली मक्का किसी भाव नहीं बिकेगी।

सूखी मक्का दालमोठ, पॉपकार्न, बेसन, नमकीन और मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए खरीदी जा रही है। धनीपुर मंडी में इन दिनों रोजाना 15 हजार क्विंटल मक्का पहुंच रही है, जिसमें आधी से अधिक केवल उक्त कंपनियों के लिए खरीदी जा रही है।

एथनाॅल प्लांट घाटा गुजरात, बियर प्लांट बठिंडा पंजाब, बियर प्लांट मुज्जफरनगर यूपी, बियर प्लांट जुंडला हरियाणा और छाता यूपी के लिए अलीगढ़ से मक्का खरीदी जा रही है। स्थानीय आढ़ती गुजरात, पंजाब और हरियाणा तक इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। बेसन, मल्टीग्रेन आटा और नमकीन बनाने वाली स्थानीय कंपनियां भी सूखी मक्का खरीद रही हैं।



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