Muzaffarnagar में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी एनईएफटी भुगतान की स्लिप दिखाकर व्यापारियों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी व्यापारी को नकली भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर एक लाख रुपये का सामान लेकर फरार हो गया था।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और स्टेटिक सर्विलांस के आधार पर आरोपी को बुढाना रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
फर्जी एनईएफटी स्क्रीनशॉट दिखाकर खरीदा था एक लाख रुपये का कॉपर तार
घटना उस समय सामने आई जब एक व्यापारी ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति उनकी दुकान से लगभग एक लाख रुपये का कॉपर तार खरीदकर ले गया और भुगतान के नाम पर एनईएफटी का स्क्रीनशॉट दिखाया।
कुछ समय बाद जब व्यापारी के खाते में रकम नहीं पहुंची तो उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि भुगतान की रसीद फर्जी थी।
कैम स्कैनर ऐप से तैयार की गई थी नकली भुगतान रसीद
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कैम स्कैनर एप का उपयोग कर फर्जी एनईएफटी रसीद तैयार की थी। उसने बताया कि वह पहले भी उसी दुकान से वास्तविक भुगतान करके सामान खरीद चुका था, जिससे दुकानदार का विश्वास जीत लिया गया।
इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने दोबारा उसी दुकान से महंगा सामान लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
गाजियाबाद निवासी मुजम्मिल गिरफ्तार, एक आरोपी अभी फरार
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुजम्मिल पुत्र साजिद अली निवासी बेहटा हाजीपुर थाना लोनी बॉर्डर जनपद गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इस मामले में जव्वाद पुत्र शहाबुद्दीन निवासी लोनी बॉर्डर गाजियाबाद की तलाश जारी है।
पुलिस टीम फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मोबाइल फोन से मिले 19 फर्जी भुगतान स्क्रीनशॉट, 8.36 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को 19 अलग-अलग फर्जी भुगतान रसीदों के स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 8 लाख 36 हजार 237 रुपये बताई गई है।
इन रसीदों में सबसे बड़ी राशि दो लाख रुपये की पाई गई है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाकर अन्य मामलों की जांच भी कर रही है।
पहले भी कर चुका है इसी तरह की धोखाधड़ी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2024 में भी उसने इसी तरह बुढाना क्षेत्र में धोखाधड़ी की थी, जिसके मामले में वह जेल भी जा चुका है।
पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस प्रकार की योजनाबद्ध ठगी में सक्रिय रहा है और अन्य जिलों में भी उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है।
साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक अपराध Indu Siddharth के निर्देशन में की गई।
अभियान का नेतृत्व थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह ने किया।
व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करते समय सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि डिजिटल भुगतान प्राप्त करते समय केवल स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें और बैंक खाते में राशि की पुष्टि होने के बाद ही सामान सौंपें।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्कता को अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम
इस गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, निरीक्षक इंद्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक मुबारिक हसन, धर्मराज सिंह, हेड कांस्टेबल आकाश कुमार, सुनील कुमार और बालकिशन सहित साइबर क्राइम थाना टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
फर्जी एनईएफटी स्क्रीनशॉट के माध्यम से व्यापारियों को निशाना बनाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी से साइबर क्राइम पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जबकि बरामद मोबाइल डेटा से सामने आए अन्य संभावित मामलों की जांच आगे बढ़ने के साथ इस तरह की संगठित ठगी के नेटवर्क पर भी कार्रवाई की संभावना मजबूत हुई है।
