Muzaffarnagar । गंगा नदी और उसके घाटों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के उद्देश्य से शुकतीर्थ स्थित गंगा घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गंगा घाट तथा आसपास के क्षेत्र में श्रमदान करते हुए सफाई की।
जिला गंगा समिति, मुजफ्फरनगर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संतों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और गंगा संरक्षण से जुड़े सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। अभियान के दौरान लोगों को गंगा को स्वच्छ रखने, घाटों पर गंदगी नहीं फैलाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत हुआ आयोजन
यह स्वच्छता अभियान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश और प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग, मुजफ्फरनगर अभिनव राज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
जिला गंगा समिति, मुजफ्फरनगर ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत शुकतीर्थ के गंगा घाट को अभियान के लिए चुना। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सफाई में शामिल नहीं किया गया, बल्कि उन्हें गंगा नदी के महत्व और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी के बारे में भी जानकारी दी गई।
अभियान का उद्देश्य गंगा घाट को साफ रखने के साथ-साथ लोगों में यह भावना विकसित करना भी रहा कि नदी और उसके आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
छात्र-छात्राओं ने किया श्रमदान
स्वच्छता अभियान में स्वामी कल्याण देव इंटर कॉलेज और महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज, मोरना के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
विद्यार्थियों ने गंगा घाट और आसपास के क्षेत्र में श्रमदान किया। इस दौरान सफाई कार्य में हिस्सा लेते हुए उन्होंने लोगों को स्वच्छता का संदेश भी दिया।
छात्रों की भागीदारी से अभियान को जन-जागरूकता से भी जोड़ा गया। विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश उनके परिवारों और आसपास के समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
संतों ने बताया गंगा की स्वच्छता का महत्व
कार्यक्रम में पूर्णागिरी मंदिर के महामंडलेश्वर गोपाल दास जी महाराज और सरस्वती हनुमान धाम के विज्ञानानंद जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संतों ने गंगा की धार्मिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसकी स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने उपस्थित लोगों से गंगा नदी के साथ-साथ उसके घाटों को भी साफ रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गंगा के प्रति आस्था के साथ उसकी स्वच्छता और संरक्षण की जिम्मेदारी को भी समझना जरूरी है। घाटों पर कूड़ा-कचरा न फैलाना और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना स्वच्छ गंगा अभियान में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।
विद्यार्थियों को नमामि गंगे के उद्देश्यों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार ने छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नमामि गंगे कार्यक्रम के उद्देश्यों से भी अवगत कराया।
उन्होंने गंगा नदी की स्वच्छता, संरक्षण और जन-जागरूकता में नागरिक सहभागिता की भूमिका को समझाया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नदी को साफ रखने के लिए केवल अभियान के दौरान सफाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में भी स्वच्छता को शामिल करना जरूरी है।
वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
कार्यक्रम में मोरना रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत चौधरी ने भी विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
उन्होंने स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
गंगा नदी और उसके आसपास का पर्यावरण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। ऐसे में नदी की स्वच्छता के साथ घाटों और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र को साफ रखना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
गंगा सेवा समिति और गंगा विचार मंच की सक्रिय भागीदारी
शुकतीर्थ में आयोजित इस अभियान में सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार जी और गंगा विचार मंच के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
उन्होंने गंगा स्वच्छता और संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग प्रदान किया। अभियान में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से सरकारी प्रयासों के साथ सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती मिली।
वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी किया श्रमदान
स्वच्छता अभियान में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। वन दरोगा सुनील कुमार और नंदकिशोर सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अभियान में भाग लिया।
उन्होंने स्वयं श्रमदान करते हुए गंगा घाट की सफाई में सहयोग किया। साथ ही आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में भी भूमिका निभाई।
अभियान के दौरान यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि अधिकारी और आम नागरिक मिलकर काम करें तो सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लंबे समय तक बनाए रखना आसान हो सकता है।
शुकतीर्थ में गंगा स्वच्छता को लेकर लगातार गतिविधियां
शुकतीर्थ मुजफ्फरनगर का प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है। यहां गंगा घाट पर धार्मिक गतिविधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में घाट की स्वच्छता बनाए रखना विशेष महत्व रखता है।
जिला गंगा समिति के अनुसार नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा नदी और उसके घाटों की स्वच्छता, संरक्षण और जन-जागरूकता के लिए नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
स्वच्छता अभियान में स्कूली विद्यार्थियों को शामिल करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण और नदी संरक्षण से जोड़ना भी है।
बच्चों के जरिए घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश
विद्यार्थियों की भागीदारी को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। बच्चे जब स्वयं किसी स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेते हैं तो उन्हें नदी, पर्यावरण और सार्वजनिक स्थानों की सफाई का महत्व व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलता है।
इसके बाद यही जागरूकता उनके परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंच सकती है। इस तरह स्कूल स्तर पर शुरू हुआ जागरूकता अभियान व्यापक सामाजिक भागीदारी में बदल सकता है।
शुकतीर्थ के गंगा घाट पर विद्यार्थियों के श्रमदान ने इसी संदेश को मजबूत किया कि गंगा की स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है।
गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जनभागीदारी पर जोर
गंगा की स्वच्छता के लिए सरकारी योजनाओं और विभागीय प्रयासों के साथ आमजन की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घाट पर कूड़ा न फेंकना, पूजा सामग्री को निर्धारित स्थान पर डालना और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना जैसे छोटे कदम भी नदी संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
इसी सोच के साथ जिला गंगा समिति की ओर से लोगों को जागरूक करने और विभिन्न वर्गों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में नमामि गंगे अभियान का संदेश
शुकतीर्थ में आयोजित स्वच्छता अभियान ने एक बार फिर गंगा संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। छात्र-छात्राओं ने श्रमदान किया, संतों ने गंगा की निर्मलता बनाए रखने की अपील की, वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक किया और सामाजिक संगठनों ने अभियान में सहयोग दिया।
जिला गंगा समिति के अनुसार भविष्य में भी नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत इस तरह की गतिविधियां जारी रहेंगी। उद्देश्य यही है कि गंगा नदी और उसके घाटों को स्वच्छ रखने के साथ लोगों में इसके प्रति स्थायी जागरूकता विकसित हो।
शुकतीर्थ से गया स्वच्छ गंगा का संदेश
शुकतीर्थ के गंगा घाट पर आयोजित यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा। इसमें विद्यार्थियों, संतों, अधिकारियों, वन विभाग और सामाजिक संगठनों की सामूहिक भागीदारी ने स्वच्छ गंगा और सुरक्षित पर्यावरण का संदेश दिया।
गंगा की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों के साथ आमजन की रोजमर्रा की आदतों में बदलाव भी जरूरी है। यदि घाट पर आने वाला हर व्यक्ति गंदगी न फैलाने और दूसरे लोगों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाए, तो स्वच्छता अभियानों का प्रभाव लंबे समय तक कायम रखा जा सकता है।
शुकतीर्थ के गंगा घाट पर आयोजित स्वच्छता अभियान ने गंगा संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत आयोजित अभियान में स्वामी कल्याण देव इंटर कॉलेज और महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज, मोरना के छात्र-छात्राओं ने श्रमदान किया। संतों, जिला गंगा समिति, वन विभाग और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में लोगों से गंगा और उसके घाटों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई।
