Muzaffarnagar में इस बार होने जा रहा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कई मायनों में खास रहने वाला है। पहली बार 108 महिलाओं के सामूहिक संकल्प और नेतृत्व में आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। Muzaffarnagar News के अनुसार, 16 से 23 सितंबर तक आशीर्वाद बैंकट हॉल में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन होगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, रासलीला, श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र तक के प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाए जाएंगे।
इस आयोजन की तैयारी को लेकर शनिवार को श्री गणपति धाम में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। यहां आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारी साझा की गई। आयोजकों के मुताबिक, श्यामा-श्याम जू की 108 सखियों के सामूहिक संकल्प से होने वाली यह कथा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ महिलाओं की सक्रिय सहभागिता का भी उदाहरण बनेगी।
108 महिलाओं के सामूहिक संकल्प से सजेगा भक्ति का दरबार
नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को विशेष स्वरूप देने के लिए 108 महिलाओं का समूह तैयार किया गया है। इन महिलाओं की सामूहिक सहभागिता से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि महिलाओं की भूमिका केवल कथा के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी। कथा से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्यों में भी 108 सखियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इसी वजह से यह आयोजन धार्मिक दृष्टि के साथ सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
16 सितंबर को मंगल कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
आठ दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार, 16 सितंबर को सुबह 8:30 बजे भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ होगी। मंगल कलश यात्रा शिव दुर्गा मंदिर, लक्ष्मण विहार से शुरू होकर कथा स्थल आशीर्वाद बैंकट हॉल तक पहुंचेगी।
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों के बीच निकलने वाली मंगल कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।
कलश यात्रा के बाद प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा व्यास हिमेश शास्त्री महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भागवत के विभिन्न प्रसंगों का आध्यात्मिक और भक्तिमय वर्णन सुनाएंगे।
पहले दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का रहेगा विशेष आकर्षण
16 सितंबर को कथा के प्रथम दिन श्रीमद्भागवत महात्म्य, राजा परीक्षित को श्राप और शुकदेव जी के आगमन का प्रसंग सुनाया जाएगा। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा। कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान धार्मिक वातावरण और भक्तिभाव के बीच श्रद्धालुओं के उत्साह से कथा स्थल का माहौल विशेष बनने की उम्मीद है।
17 सितंबर को शुक-परीक्षित चरित्र से वराह अवतार तक
17 सितंबर को श्री शुक-परीक्षित चरित्र, मनु-कर्दम चरित्र, वराह अवतार और कपिलोपदेश का वर्णन किया जाएगा। भागवत कथा के इन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों से जुड़े संदेश सुनने को मिलेंगे।
18 सितंबर को ध्रुवाख्यान और भगवान नृसिंह अवतार
18 सितंबर को सती चरित्र, ध्रुवाख्यान, जड़ भरत चरित्र, अजामिलोद्धार और भगवान नृसिंह अवतार की कथा सुनाई जाएगी। ध्रुव चरित्र और नृसिंह अवतार से जुड़े प्रसंग कथा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेंगे।
19 सितंबर को गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार और नंदोत्सव
19 सितंबर को गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार और श्रीराम चरित्र का वर्णन होगा। इसी दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव भी आयोजित किया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और नंदोत्सव के प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहने की संभावना है। इस दौरान कथा स्थल भक्ति और उल्लास के वातावरण में नजर आएगा।
20 सितंबर को बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग
20 सितंबर का दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को समर्पित रहेगा। इसी दिन गोवर्धन लीला, छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। गोवर्धन लीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उससे जुड़े आध्यात्मिक संदेशों का वर्णन भी किया जाएगा। छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में रहेंगे।
21 सितंबर को रासलीला और श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह
21 सितंबर को रासलीला तथा श्रीकृष्ण-रुक्मणी मंगल विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह से जुड़े प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिलेगा।
श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह कथा का एक ऐसा प्रसंग है, जिसे श्रद्धालु विशेष भाव और भक्ति के साथ सुनते हैं। आयोजन में इस दिन को भी खास रूप देने की तैयारी है।
22 सितंबर को सुदामा चरित्र के साथ कथा का विश्राम
22 सितंबर को सुदामा चरित्र, भागवत धर्म, उद्धवोपदेश और श्रीमद्भागवत कथा सार का वर्णन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रसंग के माध्यम से प्रेम, त्याग, समर्पण और सच्ची मित्रता का संदेश दिया जाएगा।
इसी के साथ कथा का विश्राम होगा। आठ दिनों तक चलने वाली कथा में अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और संस्कार से जुड़े संदेश दिए जाएंगे।
23 सितंबर को हवन, प्रसाद और भंडारे के साथ समापन
23 सितंबर को हवन, प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन होगा।
आयोजकों के अनुसार, धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ हवन और भंडारे की व्यवस्था की जाएगी।
हिमेश शास्त्री महाराज सुनाएंगे श्रीमद्भागवत कथा
कथा व्यास हिमेश शास्त्री महाराज श्रीमद्भागवत एवं श्रीराम कथा के प्रसिद्ध कथावाचक और संत बताए गए हैं। उनके प्रवचनों में आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति, संस्कार और चरित्र निर्माण को प्रमुखता दी जाती है।
आयोजकों का कहना है कि कथा के दौरान केवल धार्मिक प्रसंगों का वर्णन ही नहीं होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को जीवन में संस्कार, सदाचार, सेवा और भक्ति के महत्व से जुड़े संदेश भी दिए जाएंगे।
धार्मिक आयोजन के साथ महिलाओं की भागीदारी भी बनेगी पहचान
मुजफ्फरनगर में होने वाली यह श्रीमद्भागवत कथा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसका आयोजन 108 महिलाओं के सामूहिक संकल्प से किया जा रहा है। महिलाओं की यह भागीदारी धार्मिक आयोजन के विभिन्न चरणों में दिखाई देगी।
आयोजकों के मुताबिक, धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सेवा गतिविधियों में भी महिलाओं की भूमिका रहेगी। इससे आयोजन को केवल कथा तक सीमित न रखकर सामूहिक धार्मिक और सामाजिक सहभागिता का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
आयोजकों ने मुजफ्फरनगर शहर और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचने की अपील की है। श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है।
16 से 23 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में मंगल कलश यात्रा से लेकर कृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, रासलीला, श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह, सुदामा चरित्र और समापन हवन तक कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 108 महिलाओं के सामूहिक संकल्प से होने वाली यह कथा मुजफ्फरनगर के धार्मिक आयोजनों में अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी में है।
मुजफ्फरनगर में 16 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं और भागवत के महत्वपूर्ण प्रसंगों का श्रवण करने का अवसर मिलेगा। 108 महिलाओं के सामूहिक संकल्प से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है।
