कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की गुणवत्ता जांचने का पेपर नहीं, हवा की मशीनें खराब, शौचालय बदहाल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शहर के पेट्रोल पंपों की स्थिति बदतर है। अधिकांश पंपों पर आने वाले ग्राहकों को तय मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं मिलती हैं। न तो ग्राहक को पेट्रोल की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग पेपर दिया जाता है और न पहियों में हवा भरवाने की सुविधा है। इतना ही नहीं, कई जगह शौचालय नहीं हैं। जहां हैं भी तो वहां की हालात नारकीय है। मंगलवार को शहर के आठ पेट्रोल पंपों पर अमर उजाला ने पड़ताल की तो चार पेट्रोल पंपों पर यह हकीकत सामने आई। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि देहात और दूरस्थ क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर हालात क्या होंगे। हालांकि, अफसरों की नजर में सब कुछ ठीक है।
पंपों पर मिलने वाली सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए शहर में जिम्मेदार अफसरों की तैनाती है। अधिकारी समय-समय पर इनकी जांच करने का दावा तो करते हैं मगर शहर के पेट्रोल पंपों के हालात बदतर हैं। मंगलवार को ग्वालियर रोड पर स्थित दो पेट्रोल पंपों पर पड़ताल के दौरान एक पर न हवा भरने की सुविधा मिली और न ही शौचालय। इसकी वजह से ग्राहकों को काफी दिक्कत होती है। दूसरे पंप के कर्मी रविंद्र पांडेय और विष्णु ने पेट्रोल की गुणवत्ता जांच का पेपर मांगने पर कहा कि ऐसी कोई सुविधा पंप पर नहीं है। पहिए में हवा भरने की बात कही गई तो जवाब मिला कि मशीन खराब है।
मेडिकल कॉलेज रोड स्थित एक पेट्रोल पंप तो पूरी तरह से खस्ताहाल नजर आया। इस पंप के कर्मी नहीं जानते हैं कि पेट्रोल जांचने का कोई पेपर भी आता है, जो मांगने पर ग्राहक को चेक करने के लिए दिया जाता है। इस पंप पर शौचालय तो है लेकिन अंदर जाते ही दुर्गंध की वजह से उबकाई आती है। हवा भरने की मशीन नजर नहीं आई। मैनेजर अरुण राणा का कहना है कि ग्राहक को पेट्रोल की गुणवत्ता देखनी है तो वह पेट्रोलियम कंपनी से आने वाले कागज देखें। मशीन से मिलने वाले पेट्रोल की गुणवत्ता भी वही होगी। इसी रोड पर स्थित एक अन्य पेट्रोल पंप पर करीब छह माह से हवा भरने की मशीन खराब है, जिसकी वजह से लोगों को पहिए की हवा चेक कराने अथवा भरवाने में दिक्कत होती है।
वर्जन
नगर निगम और तहसील स्तर पर पेट्रोल पंपों की चेकिंग करने लिए टीमें हैं। यह टीमें समय-समय पर जांच करके रिपोर्ट भेजती हैं। विगत दिनों मऊरानीपुर समेत दो जगह पर जांच की गई लेकिन कोई खामी नहीं मिली। यदि आपकी नजर में किसी पेट्रोल पंपों पर कोई खामी है तो बताएं, जांच करवाएंगे। – शैलेंद्र कुमार, एआरओ, जिला आपूर्ति विभाग
पेट्रोल पंपों की जांच के लिए तहसील स्तर पर टीमें हैं, जिनमें एसडीएम, डीएसओ, बांट-माप विभाग आदि के अधिकारी हैं। हवा भरने की तो सभी जगह मशीनें चालू हैं। मैंने जहां भी चेक किया वहां पेट्रोल की गुणवत्ता मापने का पेपर भी मिला है। छह माह से तो कोई खामी नहीं मिली है। यदि कहीं गड़बड़ी हैं तो बताएं, जांच करवाकर सही करवा देंगे। – सौम्या अग्रवाल, जिला आपूर्ति अधिकारी
0- एक नजर में जिले के पेट्रोल पंप
पेट्रोलियम कंपनी पेट्रोल पंप
आईओसी 65
बीपीएस 54
एचपीसी 31
एसआर 02
आईबीपी 02
रिलायंस 06
0- ये कहना है परेशान लोगों का
पेट्रोल पंपों पर हवा की सुविधा होनी चाहिए मगर ग्वालियर रोड के किसी भी पंप पर नहीं है। मशीनें हैं मगर महीनों से खराब हैं। – अमित कुमार, पाल कॉलोनी
पत्नी समेत दतिया से मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं। रास्ते में कुछ पेट्रोल पंपों पर शौचालय इस्तेमाल करने को रुके मगर दुर्गंध की वजह से इस्तेमाल नहीं किया। – आशीष कुमार, दतिया
यदि अधिकारी पेट्रोल पंप की जांच कर लें तो हकीकत सामने आ जाएगी। हवा की सुविधा की बात छोड़िए शौचालय तक साफ नहीं मिलते हैं। – अमृता, पुलिया नंबर नौ
पंपों पर यह होनी चाहिए सुविधाएं
शुद्ध पेयजल
साफ-सुथरा शौचालय
नि:शुल्क हवा भरने की सुविधा
पेट्रोल और डीजल का रेट डिस्पले बोर्ड
ग्राहक के मांगने पर तत्काल मिलना चाहिए पेट्रोल की शुद्धता मापने का कागज
