झांसी/मऊरानीपुर। लहचूरा के बम्होरी स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में 3.40 लाख रुपये का गबन सामने आया है। मामला सामने आने के बाद बैंक अफसरों में खलबली मच गई। गबन की प्रथम दृष्टया पुष्टि होने पर खाती बाबा निवासी कैशियर गौरव वर्मा को निलंबित कर दिया गया। मामले में शामिल अन्य बैंककर्मियों की भूमिका की जांच चल रही है।
बैंक में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि 19 जून को नकदी मिलान के दौरान 3.40 लाख रुपये कम होने की बात मालूम चली लेकिन, बैंक शाखा स्तर पर अफसर मामले को दबाए रहे। 23 जून की शिकायत लखनऊ में उच्चाधिकारियों तक जा पहुंची। शिकायत मिलने पर बैंक की स्थानीय विजिलेंस टीम से जांच कराई गई। 24 जून की सुबह ही विजिलेंस टीम यहां आ धमकी। दो दिनों तक टीम बैंक के दस्तावेज समेत कैश क्लोजिंग, निकासी रजिस्टर के ब्यौरे खंगालती रही। टीम को भी 3.40 लाख रुपये कम मिले। इसमें कैशियर गौरव वर्मा की भूमिका पाई गई। विजिलेंस की पूछताछ में स्थानीय बैंक अफसरों ने अंदेशा जताया कि गौरव रोजाना चेस्ट से नकदी गायब कर रहा था। विजिलेंस की ओर से घपले की पुष्टि होने से अफसरों में खलबली मच गई। गौरव पर दबाव बनाकर गबन की राशि 3.40 लाख रुपये जमा करा लिए गए। देर-शाम गौरव को निलंबित भी कर दिया गया। जिला मुख्य प्रबंधक आलोक कुमार का कहना है कि कैशियर गौरव को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की गई है।
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एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे बैंककर्मी
किसानों की मेहनत की रकम सहेजने के लिए बने ग्रामीण बैंक में लाखों रुपये का घपला उजागर होने के बाद अब स्थानीय शाखा के बैंककर्मी एक दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं। बैंक मैनेजर अजय कुमार का कहना है कि 19 जून को ही 3.40 लाख रुपये गायब होने की जानकारी मिल गई थी लेकिन, विभागीय कार्य की अधिकता के चलते इसकी जांच नहीं करा सके। लिपिक नीलम कुशवाहा कैश क्लोजिंग, जमा एवं निकासी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करती हैं वहीं, कैश लिपिक नीलम कुशवाहा का कहना है कि 19 जून तक उनको इस बारे में कुछ पता नहीं था। 24 जून को विजिलेंस टीम के यहां आने पर उनको पैसा गायब होने की बात पता चली। इन सबके बीच जिला मुख्य प्रबंधक आलोक कुमार का कहना है कि 23 जून को बैंक बंद होने के बाद कैशियर गौरव ने 3.40 हजार रुपये निकाले।
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पुलिस ने शुरू की मामले की छानबीन
लाखों रुपये का घपला उजागर होने के बाद शाखा प्रबंधक अजय कुमार की ओर से लहचूरा थाने मेें तहरीर दी गई है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस भी मामले की छानबीन में जुट गई है। थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने बताया कि गबन का मामला सामने आने के बाद इसकी जांच शुरू कराई गई है।
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इन सवालों के जवाब देने से बच रहे बैंक अफसर
शाखा प्रबंधक को अगर 19 जून को लाखों रुपये गायब होने का पता चल गया था, तब आखिर उन्होंने समय पर कदम क्यूं नहीं उठाया
शाखा प्रबंधक को 19 जून को घपले का पता चल गया लेकिन, कैश लिपिक को इसका पता क्यूं नहीं चला
रोजाना कैश मिलान का काम बैंक में क्यूं नहीं हो रहा था
जिला मुख्य प्रबंधक के मुताबिक 23 जून की शाम को कैशियर ने पैसे निकाले, ऐसे में शाखा प्रबंधक 19 जून को पैसे गायब होने की बात क्यूं कह रहे हैं
