शोहदा अचानक हाथ पकड़ ले तो आप क्या करेंगी? सुनसान रास्ते पर आपके पर्स पर कोई झपट्टा मारे तो उससे आप कैसे निपटेंगी। रोजमर्रा में महिलाओं और बेटियों को जिन विपरीत परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ता है उनसे बचने के लिए आसान लेकिन कारगर टिप्स छात्राओं को सिखाए गए। मौका था अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम का। बीडी जैन गर्ल्स इंटर कॉलेज की करीब 500 छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
शुरुआत भारत माता की जय, जय हिंद, जय नारी शक्ति और नारी हूं, कमजोर नहीं के उद्घोष के साथ हुई। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पंकज शर्मा ने सबसे पहले वॉर्म अप और स्ट्रेचिंग का अभ्यास कराया। इसके बाद उन्होंने छोटी-छोटी परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उनसे बचने की टेक्नीक का प्रदर्शन और अभ्यास करवाया। कलाई, हाथ पकड़ने, पीछे से चोटी पकड़ने या फिर चेन स्नेचिंग जैसी स्थिति से बचाव के तरीके भी बताए। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि आपात स्थिति में चाबी, मोबाइल फोन, स्कूल बैग, पर्स, पेन, हेयर बैंड और हेयर क्लिप का इस्तेमाल भी औजार की तरह खुद के बचाव के लिए किया जा सकता है।
प्रधानाचार्य संध्या रानी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें विपरीत परिस्थितियों में सजग और सक्षम बनाता है। कार्यक्रम में संजू बाला, पुष्पा सागर, लीलावती, ज्योति सोनी, रितिका सिन्हा, राजकुमारी, रेनू गुप्ता, अनुराधा और प्रतिभा चौधरी आदि मौजूद रहीं।
उपहार में मिलीं पुस्तकें
प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली छात्राओं खुशी, साक्षी, वंशिका, एलिमा, तनिष्का, भूमि, इकरा, सानिया, नंदिनी, आरुषि, मुनमुन, इमरान, मोनिका, काव्य, स्वाति, पायल और समरीन समेत 18 छात्राओं को पुस्तकें उपहार में दी गईं।
