आगरा के विभव नगर (सदर) स्थित रामतेज अस्पताल में शुक्रवार तड़के इलाज के दाैरान आठ महीने की गर्भवती की मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर उन्हें शांत किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले में सीएमओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।

जैतपुर के मनभावती पुरा निवासी गौरव कुमार दिल्ली में कैटरिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी काजल (32) चौथी बार गर्भवती हुई थीं। उसका इलाज रामतेज अस्पताल में चल रहा था। चिकित्सक ने डिलीवरी की तारीख 15 अगस्त के आसपास की बताई थी। बुधवार को उसे चिकित्सक के पास ले गए थे। उन्होंने काजल को भर्ती कर लिया।

जांच के बाद चिकित्सक ने प्लेटलेट्स गिरने की बात कही। इस पर चार बोतल खून चढ़ाया गया। बृहस्पतिवार को 25 हजार रुपये का जंबो पैक मंगवाया। रात में पैक चढ़ाने की बात कही। 15 मिनट में जंबो पैक चढ़ा दिया। इससे पत्नी की तबीयत खराब हो गई। शुक्रवार तड़के चार बजे पत्नी की मौत हो गई।

आरोप लगाया कि स्टाफ ने उन्हें पत्नी के पास नहीं जाने दिया। भुगतान लेने के बाद 7 बजे मौत की जानकारी दी। गाैरव ने इलाज में लापरवाही से पत्नी की माैत का आरोप लगाया।

पहले से गंभीर थी मरीज की हालत

अस्पताल संचालिका डॉ. कामिनी खुराना का कहना है कि मरीज जब भर्ती हुई तब बहुत गंभीर हालत थी। उसमें खून की बहुत कमी थी और प्लेटलेट्स भी कम थे। संक्रमण फैला हुआ था। भर्ती के वक्त तीमारदारों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बता दिया था। मरीज को जितने ब्लड यूनिट और प्लेटलेट्स की जरूरत थी, वह तीमारदार उपलब्ध नहीं करा सके। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।

कराई जाएगी जांच

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि गर्भवती की मौत के मामले में कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

 



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