समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा- ‘बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजो को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।’



दरअसल, शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।

ये पुलिस नहीं आरएसएस के गुंडे हैं

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि ‘सुबह सात बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए यहां से निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आए। वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर लेकर गए। 60 साल का एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर यहां से लेकर गई।

हमें नहीं पता कि कहां लेकर गए हैं। जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं जंतर-मंतर आ रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिस नहीं आरएसएस के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं? मुझे इन लोगों ने सड़कों पर मारा।

सोनम वांगचुक 21 दिनों से अनशन पर बैठे

सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी और उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है।



इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का प्रतिदिन मेडिकल परीक्षण कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल लेकर गई। घटना के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।





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