आर्थिक लाभ और अपने धंधे के लिए मुख्यमंत्री ने गाय को भी नहीं बख्शा है तो तुम्हें क्या छोड़ेंगे। गाय के नाम पर सत्ता में काबिज हुए थे। आज हिंदुओं के साथ मुस्लिम भी गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग कर रहे हैं तो कह रहे हैं कि इसकी जरूरत नहीं है। इसे तो गर्व से घोषित करना चाहिए। ये बातें रविवार को ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही।
वह धाकरान चौराहे पर गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा में आए थे। वहां से पालकी पर नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर पहुंचे, जहां उनका फूल बरसाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी इतने दबाव के बाद गाय को माता कहते हैं। इसके पीछे उन्हें डर है जबकि गोरखनाथजी गाय को माता मानते थे।
हिंदुओं की आंखें खोलने आए
शंकराचार्य ने कहा कि हम बिना बुलाए कहीं नहीं जाते थे लेकिन मर्यादा को छोड़ गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा से गली-गली पहुंच रहे हैं। घूम-घूम कर हिंदुओं की आंखें खोलने आए हैं। आपके साथ धोखा हो रहा है। इससे असली हिंदू को परेशानी होगी। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए हिंदुओं की आंख खोलना जरूरी है।
