पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री का कारोबार अब तक चली आ रही पारंपरिक कागजी प्रक्रिया से निकलकर जल्द ही पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एनआईसी के माध्यम से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित करना शुरू कर दिया है, जिसके तहत वाहन कारोबारियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
अभी तक पुराने वाहनों के लेन-देन में रिकॉर्ड का रखरखाव मैनुअल तरीके से किया जाता था, लेकिन नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद डीलरों के पंजीकरण से लेकर वाहनों की हर गतिविधि ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे परिवहन विभाग के पास प्रत्येक वाहन के लेन-देन का पुख्ता डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे वाहन के स्वामित्व और दस्तावेज का सत्यापन बेहद आसान हो जाएगा।
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इस दिशा में परिवहन विभाग ने जिले के सभी पुराने वाहन डीलरों और एजेंसियों का डाटा जुटाना भी शुरू कर दिया है। पोर्टल के शुरू होते ही सभी कारोबारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण कराना होगा और बिना पंजीकरण काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त, फर्जी दस्तावेज के खेल और अनधिकृत कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही, वाहन खरीदने वाले आम लोगों को भी वाहन की वास्तविक स्थिति और उसके असली मालिक की पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
एआरटीओ आरपी मिश्र ने इस संबंध में बताया कि पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसे जल्द ही जिले में भी लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए कारोबारियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है।
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