राजधानी लखनऊ में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली एजेंसियां कर्मचारियों पर आवेदकों से वसूली का दबाव बना रही हैं। इसकी शिकायत सीएम कार्यालय पहुंची है। डीएल एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से वसूली व उन्हें नौकरी से निकालने के मामलों की जांच होगी।

फोकाम, सिल्वर टच व रोजमार्टा, इन तीन एजेंसियों को परिवहन विभाग की ओर से प्रदेशभर में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, प्रिंट करने व आवेदकों को डिलीवर करने की जिम्मेदारी सौपी गई है। निजी डीएल एजेंसियां प्राइवेटकर्मियों पर डीएल आवेदकों से वसूली का दबाव बना रही हैं। सीतापुर, लखीमपुर, कानपुर, मथुरा, मेरठ, बलिया, अयोध्या सहित 18 जिलों के कर्मचारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय से की है। 

कर्मचारियों का कहना है कि उनसे डीएल बनवाने वाले आवेदकों से वसूली का दबाव बनाया जा रहा है, जिसके बाद मंथली इनकम मांगी जाएगी। प्राइवेटकर्मियों को अभी अपनी सैलरी एजेंसियों को एडवांस में देनी पड़ रही है, इसके बाद मंथली देने से उनके लिए काम करना और भी मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं डीएल आवेदकों के सामने भी समस्याएं बढ़ जाएंगी।

सीएम कार्यालय से होगी जांच

प्राइवेटकर्मियों ने सीएम कार्यालय से शिकायतें दर्ज करवाई हैं। सीतापुर, लखीमपुर व बलिया के प्राइवेटकर्मियों ने वहां के जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या से अवगत कराया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सीएम कार्यालय से मामले में जांच होगी। इतना ही नहीं डीएल एजेंसियों द्वारा प्राइवेटकर्मियों से वसूली, उन्हें नाैकरी से निकालने के मामले की भी जांच होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें