मोहनदेई की तलाश की गई लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। वारदात के छह दिन बाद बृहस्पतिवार शाम परिजन घर के बाहर जले हुए भूसे के ढेर की राख हटा रहे थे। इसी दौरान वहां से जली हुई हड्डियां और कांच की चूड़ियां मिलीं। इसके बाद हत्या की आशंका गहराने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पत्नी से करता था मारपीट मायके जाने से था नाराज
आरोप है कि महेंद्रपाल शराब के नशे में पत्नी मीना से मारपीट करता था। मोहनदेई इसी वजह से मीना को अपने पास रहने के लिए बुला लेती थीं। इसी बात को लेकर महेंद्रपाल रंजिश रखता था।
बेटी का मायका ही बन गया मौत की वजह
मोहनदेई की मौत की घटना के बाद भले ही बेटे की तहरीर में दामाद और सास के बीच बेटी को मायके रखने को लेकर चले आ रहे विवाद को घटना का कारण बताया गया है, लेकिन सवाल खड़ा हो रहा है कि सिर्फ बेटी के बार-बार मायके आना मौत की वजह बना, या सच कुछ और है। यही वजह है कि सच सामने लाने के लिए पुलिस परिवार के पुराने विवाद, आर्थिक लेन-देन और जमीन को भी आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
अमरिया थाना क्षेत्र के जिठनिया गांव में बृहस्पतिवार रात घटना की परतें खुलीं। परिजन के मुताबिक, मोहनदेई अपनी बेटी को अक्सर अपने पास बुला लेती थीं। दामाद महेंद्रपाल इस बात से नाराज रहता था। कई बार कहासुनी भी हुई। यही आरोप मुकदमे की बुनियाद बना है, लेकिन पुलिस इसे घटना का अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।




