आगरा विकास प्राधिकरण पर किसानों ने बिना मुआवजा भूमि कब्जाने के आरोप लगाए हैं। महुआ खेड़ा, बमरौली कटारा, बुढ़ाना, मदरा सहित कई गांवों में एडीए भूमि पर कब्जा ले रहा है। इसका अधिग्रहण 2009 में हुआ था। जबरन कब्जा के विरोध में आधा दर्जन गांव के किसान लामबंद हैं। उन्होंने एडीए के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है।
महुआखेड़ा सहित आधा दर्जन गांव में एडीए ने 2009 में भूमि अधिग्रहण किया था। किसान राकेश व रामगोपाल का आरोप है कि उन्हें आज तक न नोटिस मिले, न मुआवजा मिला। सर्वे तक नहीं हुआ। किसी प्रकार का मुआवजा, एग्रीमेंट, अवार्ड या करार भी नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि उन्हें इस अधिग्रहण की वास्तविक जानकारी तब हुई जब आगरा विकास प्राधिकरण की टीम बुलडोजर लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंची।
मौके पर मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण अब जबरन कार्रवाई करने का प्रयास कर रहा है, जबकि कई किसानों को आज तक यह भी नहीं बताया गया कि उनकी जमीन का क्या रिकॉर्ड है और किस आधार पर कब्जा लिया जा रहा है। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया, तहसील अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव मौके पर पहुंचे। भाकियू नेताओं ने कहा कि जब तक प्रत्येक किसान को उसका वैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।