केंद्र सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को बताया कि गृह मंत्रालय कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की सुरक्षा बढ़ाने संबंधी अर्जी पर पुनर्विचार कर रहा है। शिशिर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की हैं और उन्हें जान का खतरा होने का दावा किया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कहा कि सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय ने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय मामले की नए सिरे से जांच कर रहा है। साथ ही कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल सरकार और दिल्ली पुलिस को भी शिशिर की सुरक्षा चिंताओं पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिशिर ने अदालत से मौजूदा सुरक्षा को बढ़ाकर अखिल भारतीय ‘जेड प्लस’ सुरक्षा देने की अंतरिम मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। केंद्र ने भरोसा दिलाया कि सक्षम प्राधिकारी जल्द निर्णय लेकर शिशिर को सूचित करेगा।
